Sunday, November 29, 2015

गुजरात निकाय चुनाव : घर में शौचालय न होने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द


 
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गुजरात निकाय चुनाव : घर में शौचालय न होने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द
अहमदाबाद: गुजरात के राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने घर में शौचालय न होने के कारण राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में किस्मत आजमा रहे एक कांग्रेस उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द कर दी। नए कानून के तहत यह जरूरी है कि स्थानीय निकाय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के घरों में शौचालय की सुविधा हो।

नवसारी जिले की गणदेवी तहसील पंचायत से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार अशोक तालविया का नामांकन उस वक्त खारिज कर दिया गया जब स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने शनिवार को उनके घर का निरीक्षण किया।

बीजेपी उम्मीदवार की मांग
चुनाव अधिकारियों ने अजरई सीट से भाजपा उम्मीदवार राकेश पटेल की मांग के बाद तलाविया के घर का निरीक्षण किया था। पटेल ने मांग की थी कि तलाविया की उम्मीदवारी रद्द कर दी जाए क्योंकि उनके घर में शौचालय नहीं है।

गुजरात स्थानीय प्राधिकरण (संशोधन) कानून, 2014 के तहत स्थानीय निकायों के चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों के लिए यह जरूरी है कि उनके घर में शौचालय की सुविधा हो। यह कानून पिछले साल पारित हुआ था।

भाजपा उम्मीदवार राकेश पटेल जीते
गणदेवी तहसील के चुनाव अधिकारी एस जे चौहान ने कहा, ‘‘नए कानून के मुताबिक, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के घर में शौचालय की सुविधा होना जरूरी है। चूंकि तलाविया के घर में शौचालय नहीं था, तो हमने उनका नामांकन खारिज कर दिया।’’ तलाविया का नामांकन रद्द होने का परिणाम यह हुआ कि पटेल इस सीट पर बगैर चुनाव लड़े ही जीत चुके हैं। अजरई सीट पर सिर्फ दो उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया था।

Monday, November 9, 2015

बिहार चुनाव: बिहारी बाबुओं ने दिखाया बाहरियों को रास्ता...Special on Bihar assembly election 2015 : By Pawan Sonti

 बार नितीश की ताजपोशी का रास्ता साफ़ 

आर जे डी बनी सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा तीसरे स्थान पर 

पवन सोंटी (कुरुक्षेत्र)
बिहार के विधान सभा चुनाव ने देश को एक नई दिशा दे दी है| धुआंधार चुनाव प्रचार करके भी भाजपा के स्टार प्रचारक पार्टी को सत्ता की देहलीज तक पहुँचाने में कामयाब नही हो सके| हालांकि भाजपा में प्रशित के हिसाब से पहले स्थान पर है, लेकिन आर जे डी तथा जे डी यु और कांग्रेस गठबंधन मिलाकर बहुमत के साथ सरकार बनाने अब पूरी तरह तैयार है| इसके बावजूद नितीश कुमार के लिए अगले पांच साल पिछले दस साल के मुकाबले अधिक चुनौती पूरन रहेंगे, इसमें कोई दोराय नही है| अगर मत विभाजन पर नजर डालें तो लालू प्रसाद की  आर जे डी को अकेले 80 सीटें मिली हैं जबकि नितीश कुमार की जे डी यु को 71 सीटें मिली हैं| भाजपा को 53 सीट पर संतोष करना पड़ा तो राहुल गाँधी के नेत्रित्व में कांगेस को 27 सीटें ही मिली हैं| केन्द्रीय मंत्री रामविलाश पासवान के लोक् जन शक्ति पार्टी को केवल 2 व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राव मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा पार्टी को केवल एक सीट ही मिल पाई|

दल का नामविजयीआगेकुल
इंडियन नेशनल कांग्रेस27027
भारतीय जनता पार्टी53053
जनता दल (यूनाइटेड)71071
राष्ट्रीय जनता दल80080
राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी202
लोक जन शक्ति पार्टी202
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन)303
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर)101
निर्दलीय404
कुल2430243
दलवार मत हिस्सेदारी
}बीजेपी {24.4%,930…आरजेडी {18.4%,69…जेडी(यू) {16.8%,64…आईएनडी {9.4%,35…आईएनसी {6.7%,25…एलजेपी {4.8%,184…बीएलएसपी {2.6%,9…एचएएमएस {2.3%,…बीएसपी {2.1%,788…सीपीआई(एमएल)(एल…1/324.4%18.4%6.7%9.4%16.8%
PartyNameVotes Wise(%)
बीजेपी {24.4%,9308015}9308015
आरजेडी {18.4%,6995509}6995509
जेडी(यू) {16.8%,6416414}6416414
आईएनडी {9.4%,3580953}3580953
आईएनसी {6.7%,2539638}2539638
एलजेपी {4.8%,1840834}1840834
बीएलएसपी {2.6%,976787}976787
एचएएमएस {2.3%,864856}864856
बीएसपी {2.1%,788024}788024
सीपीआई(एमएल)(एल) {1.5%,587701}587701
सीपीआई {1.4%,516699}516699
जेएपीएल {1.4%,514748}514748
एसपी {1.0%,385511}385511
सीपीएम {0.6%,232149}232149
एसएचएस {0.6%,211131}211131
एनसीपी {0.5%,185437}185437
एसकेएलपी {0.3%,108851}108851
जेएमएम {0.3%,103940}103940
जीजेडीएस {0.2%,92279}92279
एआईएमआईएम {0.2%,80248}80248
बीएमयूपी {0.2%,69864}69864
जेडीआर {0.1%,54975}54975
आरएसडब्‍ल्‍यूडी {0.1%,38358}38358
आरवीएनपी {0.1%,34394}34394
एसएएसएपीटी {0.1%,31957}31957
एनजेपीआई {0.1%,25829}25829
एएएचपीटीवाई {0.1%,20663}20663
आरएजेपीए {0.0%,14291}14291
एकेबीएमपी {0.0%,13329}13329
जीएएपी {0.0%,13085}13085
बीएनएसकेपी {0.0%,13048}13048
एबीएचएम {0.0%,12268}12268
एवीआईआरपी {0.0%,12128}12128
पीएमएस {0.0%,12096}12096
एसयूसीआई {0.0%,11621}11621
बीएचएनपी {0.0%,11239}11239
एसपिएल {0.0%,11219}11219
एचसीपी {0.0%,11128}11128
एसएसडी {0.0%,10495}10495
एलडी {0.0%,10375}10375
आरएसएमडी {0.0%,9938}9938
एलएडी {0.0%,9830}9830
टीएनआरएमपीआई {0.0%,9809}9809
आईईएमसी {0.0%,9608}9608
एमएएनजेपी {0.0%,9283}9283
जेकेएनपीपी {0.0%,9156}9156
एएचएफबीके {0.0%,8719}8719
एलएसएसपी {0.0%,8431}8431
बीएमएफ {0.0%,8394}8394
एजेपीआर {0.0%,8387}8387
आरएसएडीपी {0.0%,8365}8365
बीबीएमपी {0.0%,8002}8002
बीकेपी {0.0%,7707}7707
एचवीडी {0.0%,7611}7611
बीजेकेवीपी {0.0%,7518}7518
एसपी(आई) {0.0%,7473}7473
आईयूएमएल {0.0%,6960}6960
एआईएफबी {0.0%,6936}6936
जेएचपी {0.0%,6848}6848
एनएडीपी {0.0%,6706}6706
एसडीपीआई {0.0%,6654}6654
बीडीएलपी {0.0%,6498}6498
आरपीआई {0.0%,6472}6472
एसबीएसपी {0.0%,6442}6442
पीबीआई {0.0%,5568}5568
एबीएचकेपी {0.0%,5420}5420
बीजेकेडी {0.0%,5393}5393
वीआईपी {0.0%,5380}5380
बीवीएम {0.0%,4987}4987
केवीडी {0.0%,4633}4633
एसजेडीडी {0.0%,4629}4629
बीएमटीआरपी {0.0%,4613}4613
बीजेएनडी {0.0%,4609}4609
बीजेएचपी {0.0%,4470}4470
एनटीपी {0.0%,4467}4467
पीएमपी {0.0%,4224}4224
आरपीपी {0.0%,4184}4184
आरजेजेएम {0.0%,4141}4141
आईपीटीवाई {0.0%,4115}4115
बीएचएएसपी {0.0%,3820}3820
बीआईपी {0.0%,3737}3737
एनपीईपी {0.0%,3709}3709
बीएनडीएल {0.0%,3643}3643
जेएचएसपीटी {0.0%,3641}3641
आरएवीपी {0.0%,3542}3542
वीकेएएम {0.0%,3535}3535
बीएलआरपी {0.0%,3529}3529
एमओएसपी {0.0%,3525}3525
केएसजेपी {0.0%,3337}3337
एसएबीपी {0.0%,3238}3238
आरपीआई(ए) {0.0%,3205}3205
बीवाईपीडी {0.0%,3184}3184
एसडब्लूऐपी {0.0%,3179}3179
आरजेपीटीवाई {0.0%,3099}3099
आरएसपी {0.0%,3045}3045
एमवीएम {0.0%,3038}3038
एलकेजेपी {0.0%,2992}2992
आरएमजीपी {0.0%,2971}2971
एनजेपी {0.0%,2928}2928
जेकेएम {0.0%,2890}2890
साथी और आपका फैसला पार्टी {0.0%,2795}2795
जीजेएनपी {0.0%,2735}2735
आरएसएचजेपी {0.0%,2493}2493
केएस {0.0%,2447}2447
बीबीसी {0.0%,2417}2417
एडी {0.0%,2407}2407
एसएकेडी {0.0%,2381}2381
बीईडी {0.0%,2307}2307
एमसीपीआई {0.0%,2233}2233
एएमआईपी {0.0%,2161}2161
बीएजेएपी {0.0%,2114}2114
आरएएचएम {0.0%,2002}2002
आरएआईपी {0.0%,1961}1961
जेडीपी {0.0%,1916}1916
एसडब्‍ल्‍यूएसपी {0.0%,1864}1864
बीडीईपी {0.0%,1857}1857
एलएसडी {0.0%,1846}1846
एएएमजेपी {0.0%,1768}1768
बीडीबीपी {0.0%,1764}1764
आरएमईपी {0.0%,1584}1584
आरजेपीडी {0.0%,1569}1569
आरएसजेएनपी {0.0%,1496}1496
बीजेजेडी {0.0%,1488}1488
एसएबीजेएन {0.0%,1402}1402
एनएटीपी {0.0%,1363}1363
बीकेवीपी {0.0%,1303}1303
आरजेएनजेएनपी {0.0%,1300}1300
जेआरवीपी {0.0%,1266}1266
आरवाईपी {0.0%,1264}1264
जेपीएस {0.0%,1219}1219
डीएसपी {0.0%,1194}1194
एसओजेपी {0.0%,1145}1145
एसएचडी {0.0%,1121}1121
बीकेकेएमपी {0.0%,1076}1076
केएसवीपी {0.0%,1024}1024
एबीजेएस {0.0%,1015}1015
एचकेआरडी {0.0%,976}976
जेएचडी {0.0%,976}976
बीजेपार्टी {0.0%,945}945
आरजीडी {0.0%,927}927
एलपीएसपी {0.0%,923}923
एसएपी {0.0%,891}891
एटीबीपी {0.0%,834}834
एलकेएसई {0.0%,787}787
आरएसपीटीवाई {0.0%,770}770
एलटीएसडी {0.0%,739}739
एबीआरएस {0.0%,736}736
एमएजेपी {0.0%,602}602
एआईसीपी {0.0%,563}563
आरकेएसपी {0.0%,480}480
एचएनडी {0.0%,466}466
एच एम एस पि {0.0%,446}446
एनएएलपी {0.0%,425}425
पीआरआरपी {0.0%,400}400
एआईएफबी(एस) {0.0%,382}382
डीकेपी {0.0%,346}346
सी(एस) {0.0%,330}330
एनवाईपी {0.0%,242}242
एनओटीए {2.5%,947276}947276

Sunday, November 8, 2015

Latest Update of Bihar Assembly Election 2015

बिहार
परिणाम स्थिति
243 निर्वाचन क्षेत्रों में से 242 की ज्ञात स्थिति
दल का नामविजयीआगेकुल
इंडियन नेशनल कांग्रेस52025
भारतीय जनता पार्टी64753
जनता दल (यूनाइटेड)155671
राष्ट्रीय जनता दल116980
राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी022
लोक जन शक्ति पार्टी123
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन)022
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर)112
निर्दलीय044
कुल39203242
दलवार मत हिस्सेदारी
कृपया और अधिक विवरण देखने के लिए अपना माउस चार्ट या लीजेंड के ऊपर मूवकरें। {मत %, मत गणना}बीजेपी {25.1%,809…आरजेडी {18.2%,58…जेडी(यू) {16.7%,54…आईएनडी {9.4%,30…आईएनसी {6.7%,21…एलजेपी {4.8%,155…बीएलएसपी {2.3%,7…एचएएमएस {2.3%,…बीएसपी {2.0%,648…सीपीआई(एमएल)(एल…1/325.1%18.2%6.7%9.4%16.7%
PartyNameVotes Wise(%)
बीजेपी {25.1%,8092414}8092414
आरजेडी {18.2%,5861880}5861880
जेडी(यू) {16.7%,5400411}5400411
आईएनडी {9.4%,3031232}3031232
आईएनसी {6.7%,2153453}2153453
एलजेपी {4.8%,1554257}1554257
बीएलएसपी {2.3%,746546}746546
एचएएमएस {2.3%,731005}731005
बीएसपी {2.0%,648614}648614
सीपीआई(एमएल)(एल) {1.6%,503859}503859
सीपीआई {1.4%,439612}439612
जेएपीएल {1.3%,415824}415824
एसपी {1.0%,322782}322782
सीपीएम {0.6%,195643}195643
एसएचएस {0.5%,174045}174045
एनसीपी {0.5%,154565}154565
जेएमएम {0.3%,93731}93731
एसकेएलपी {0.3%,91591}91591
जीजेडीएस {0.2%,78966}78966
एआईएमआईएम {0.2%,78353}78353
बीएमयूपी {0.2%,52937}52937
जेडीआर {0.1%,42967}42967
आरएसडब्‍ल्‍यूडी {0.1%,35857}35857
आरवीएनपी {0.1%,30077}30077
एसएएसएपीटी {0.1%,26572}26572
एनजेपीआई {0.1%,21960}21960
एएएचपीटीवाई {0.1%,16770}16770
बीएनएसकेपी {0.0%,12465}12465
आरएजेपीए {0.0%,11009}11009
एवीआईआरपी {0.0%,10715}10715
जीएएपी {0.0%,10342}10342
पीएमएस {0.0%,10117}10117
बीएचएनपी {0.0%,9691}9691
एकेबीएमपी {0.0%,9584}9584
एसयूसीआई {0.0%,9207}9207
एचसीपी {0.0%,9143}9143
एबीएचएम {0.0%,9065}9065
एसएसडी {0.0%,8967}8967
आरएसएमडी {0.0%,8738}8738
एलएडी {0.0%,8528}8528
जेकेएनपीपी {0.0%,8471}8471
आईईएमसी {0.0%,8376}8376
बीबीएमपी {0.0%,7973}7973
एमएएनजेपी {0.0%,7503}7503
टीएनआरएमपीआई {0.0%,7353}7353
एलडी {0.0%,7231}7231
आरएसएडीपी {0.0%,7218}7218
एजेपीआर {0.0%,6995}6995
बीएमएफ {0.0%,6885}6885
जेएचपी {0.0%,6848}6848
बीकेपी {0.0%,6724}6724
एलएसएसपी {0.0%,6663}6663
आईयूएमएल {0.0%,6587}6587
आरपीआई {0.0%,6229}6229
एआईएफबी {0.0%,6156}6156
बीजेकेवीपी {0.0%,5926}5926
एएचएफबीके {0.0%,5855}5855
एसपी(आई) {0.0%,5607}5607
बीडीएलपी {0.0%,5569}5569
एनएडीपी {0.0%,5539}5539
एसडीपीआई {0.0%,4977}4977
एचवीडी {0.0%,4635}4635
बीजेएनडी {0.0%,4490}4490
बीवीएम {0.0%,4454}4454
एबीएचकेपी {0.0%,4365}4365
केवीडी {0.0%,4357}4357
एनटीपी {0.0%,4297}4297
एसजेडीडी {0.0%,4241}4241
आरजेजेएम {0.0%,4141}4141
आईपीटीवाई {0.0%,3926}3926
पीबीआई {0.0%,3859}3859
वीआईपी {0.0%,3827}3827
जेएचएसपीटी {0.0%,3641}3641
बीजेएचपी {0.0%,3623}3623
एमओएसपी {0.0%,3525}3525
आरएवीपी {0.0%,3489}3489
एनपीईपी {0.0%,3459}3459
वीकेएएम {0.0%,3383}3383
एसपिएल {0.0%,3214}3214
बीआईपी {0.0%,3158}3158
बीएलआरपी {0.0%,3068}3068
आरजेपीटीवाई {0.0%,3036}3036
एसएबीपी {0.0%,3024}3024
आरपीआई(ए) {0.0%,2961}2961
बीएचएएसपी {0.0%,2923}2923
बीएनडीएल {0.0%,2912}2912
बीएमटीआरपी {0.0%,2903}2903
आरपीपी {0.0%,2890}2890
एसडब्लूऐपी {0.0%,2882}2882
पीएमपी {0.0%,2834}2834
बीजेकेडी {0.0%,2824}2824
बीवाईपीडी {0.0%,2777}2777
जेकेएम {0.0%,2622}2622
केएसजेपी {0.0%,2608}2608
एनजेपी {0.0%,2532}2532
आरएमजीपी {0.0%,2432}2432
आरएसपी {0.0%,2384}2384
एसएकेडी {0.0%,2381}2381
एलकेजेपी {0.0%,2353}2353
बीईडी {0.0%,2306}2306
एडी {0.0%,2299}2299
बीबीसी {0.0%,2228}2228
एमवीएम {0.0%,2064}2064
एमसीपीआई {0.0%,2020}2020
साथी और आपका फैसला पार्टी {0.0%,1972}1972
जीजेएनपी {0.0%,1878}1878
केएस {0.0%,1868}1868
एसडब्‍ल्‍यूएसपी {0.0%,1864}1864
बीडीईपी {0.0%,1857}1857
एएमआईपी {0.0%,1808}1808
बीएजेएपी {0.0%,1786}1786
आरएसएचजेपी {0.0%,1753}1753
आरएआईपी {0.0%,1695}1695
एएएमजेपी {0.0%,1651}1651
आरएमईपी {0.0%,1584}1584
एसबीएसपी {0.0%,1491}1491
एलएसडी {0.0%,1472}1472
जेडीपी {0.0%,1423}1423
एसएबीजेएन {0.0%,1368}1368
बीजेजेडी {0.0%,1346}1346
आरएएचएम {0.0%,1315}1315
बीकेवीपी {0.0%,1303}1303
बीडीबीपी {0.0%,1274}1274
आरजेपीडी {0.0%,1187}1187
एनएटीपी {0.0%,1135}1135
एसएचडी {0.0%,1121}1121
आरवाईपी {0.0%,1065}1065
आरजेएनजेएनपी {0.0%,1060}1060
डीएसपी {0.0%,1053}1053
एसओजेपी {0.0%,1008}1008
बीकेकेएमपी {0.0%,973}973
बीजेपार्टी {0.0%,945}945
जेएचडी {0.0%,916}916
जेपीएस {0.0%,911}911
एसएपी {0.0%,891}891
आरएसजेएनपी {0.0%,869}869
एलपीएसपी {0.0%,845}845
एटीबीपी {0.0%,834}834
आरजीडी {0.0%,809}809
केएसवीपी {0.0%,772}772
आरएसपीटीवाई {0.0%,770}770
एलटीएसडी {0.0%,739}739
एलकेएसई {0.0%,727}727
एबीजेएस {0.0%,691}691
एआईसीपी {0.0%,563}563
जेआरवीपी {0.0%,533}533
आरकेएसपी {0.0%,480}480
एच एम एस पि {0.0%,446}446
एचएनडी {0.0%,342}342
एमएजेपी {0.0%,326}326
एचकेआरडी {0.0%,282}282
एबीआरएस {0.0%,280}280
पीआरआरपी {0.0%,279}279
एनएएलपी {0.0%,264}264
एनवाईपी {0.0%,242}242
एआईएफबी(एस) {0.0%,240}240
सी(एस) {0.0%,219}219
डीकेपी {0.0%,105}105
एनओटीए {2.5%,814688}814688
पिछली बार दिनांक 08/11/2015 को 16:10 बजे अद्यतित किया गया

Latest Results of Bihar Election

Bihar
Result Status
Status Known For 240 out of 243 Constituencies
PartyWonLeadingTotal
Bahujan Samaj Party011
Bharatiya Janata Party05959
Indian National Congress02121
Janata Dal (United)07272
Lok Jan Shakti Party011
Rashtriya Janata Dal07575
Rashtriya Lok Samta Party022
Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation)022
Hindustani Awam Morcha (Secular)033
Independent044
Total0240240
Partywise Vote Share
Please move your mouse over the chart or legend to view more details.Party {Votes%,Vote Count}BJP {25.1%,4553002}RJD {17.5%,3176144}JD(U) {17.2%,31198…IND {9.4%,1702644}INC {6.6%,1200721}LJP {5.0%,908491}HAMS {2.3%,422020}BLSP {2.1%,374123}BSP {2.0%,366732}CPI(ML)(L) {1.5%,26…1/325.1%17.5%5%6.6%9.4%17.2%
PartyNameVotes Wise(%)
BJP {25.1%,4553002}4553002
RJD {17.5%,3176144}3176144
JD(U) {17.2%,3119895}3119895
IND {9.4%,1702644}1702644
INC {6.6%,1200721}1200721
LJP {5.0%,908491}908491
HAMS {2.3%,422020}422020
BLSP {2.1%,374123}374123
BSP {2.0%,366732}366732
CPI(ML)(L) {1.5%,269523}269523
CPI {1.4%,253740}253740
JAPL {1.2%,221672}221672
SP {1.1%,206426}206426
SHS {0.6%,101137}101137
CPM {0.5%,96507}96507
NCP {0.5%,83936}83936
AIMIM {0.4%,71345}71345
JMM {0.3%,60826}60826
GJDS {0.3%,50216}50216
SKLP {0.3%,50031}50031
BMUP {0.2%,29750}29750
JDR {0.1%,26325}26325
SASAPT {0.1%,16337}16337
RVNP {0.1%,16089}16089
NJPI {0.1%,11470}11470
RSWD {0.0%,8097}8097
AAHPty {0.0%,7853}7853
BNSKP {0.0%,7419}7419
pms {0.0%,6687}6687
SSD {0.0%,6284}6284
GaAP {0.0%,6167}6167
IEMC {0.0%,5667}5667
RaJPa {0.0%,5481}5481
BhNP {0.0%,5356}5356
BBMP {0.0%,5102}5102
ABHM {0.0%,4979}4979
AJPR {0.0%,4974}4974
RSMD {0.0%,4943}4943
lad {0.0%,4875}4875
AVIRP {0.0%,4780}4780
AHFBK {0.0%,4703}4703
ManJP {0.0%,4688}4688
LSSP {0.0%,4649}4649
AKBMP {0.0%,4488}4488
IUML {0.0%,4483}4483
JKNPP {0.0%,4455}4455
AIFB {0.0%,4152}4152
BDlP {0.0%,4122}4122
BMF {0.0%,4105}4105
SUCI {0.0%,4072}4072
HCP {0.0%,4053}4053
TNRMPI {0.0%,3829}3829
RSadP {0.0%,3592}3592
JHP {0.0%,3521}3521
LD {0.0%,3442}3442
SP(I) {0.0%,3340}3340
SDPI {0.0%,3276}3276
RPI {0.0%,3244}3244
BKP {0.0%,3204}3204
BJKVP {0.0%,2734}2734
BVM {0.0%,2604}2604
BJND {0.0%,2597}2597
NADP {0.0%,2558}2558
HVD {0.0%,2445}2445
KVD {0.0%,2439}2439
MOSP {0.0%,2421}2421
SaKD {0.0%,2302}2302
IPty {0.0%,2297}2297
RJJM {0.0%,2249}2249
RPI(A) {0.0%,2116}2116
NTP {0.0%,2110}2110
LKJP {0.0%,2088}2088
VIP {0.0%,2080}2080
SaBP {0.0%,2043}2043
jhspt {0.0%,1977}1977
BhaSP {0.0%,1965}1965
BJHP {0.0%,1939}1939
ravp {0.0%,1937}1937
VKAM {0.0%,1894}1894
BJKD {0.0%,1891}1891
ABHKP {0.0%,1784}1784
BLRP {0.0%,1766}1766
SJDD {0.0%,1713}1713
RPP {0.0%,1659}1659
BNDl {0.0%,1571}1571
SWAP {0.0%,1524}1524
SWSP {0.0%,1504}1504
BIP {0.0%,1462}1462
NJP {0.0%,1418}1418
NPEP {0.0%,1380}1380
BYPD {0.0%,1375}1375
KSJP {0.0%,1333}1333
PBI {0.0%,1308}1308
RJPty {0.0%,1249}1249
RaIP {0.0%,1227}1227
RMGP {0.0%,1179}1179
BED {0.0%,1177}1177
MVM {0.0%,1157}1157
PMP {0.0%,1128}1128
SHD {0.0%,1096}1096
SBSP {0.0%,1047}1047
JKM {0.0%,1038}1038
RMEP {0.0%,1026}1026
MCPI {0.0%,1021}1021
BDeP {0.0%,1008}1008
BJJD {0.0%,992}992
BBC {0.0%,989}989
RSP {0.0%,978}978
RYP {0.0%,956}956
JDP {0.0%,950}950
SABJAN {0.0%,938}938
AD {0.0%,899}899
BMtrP {0.0%,898}898
natp {0.0%,896}896
DSP {0.0%,884}884
RshJP {0.0%,869}869
AAMJP {0.0%,868}868
BaJaP {0.0%,861}861
BKVP {0.0%,825}825
LSD {0.0%,788}788
BJPARTY {0.0%,783}783
KS {0.0%,753}753
LTSD {0.0%,665}665
GJNP {0.0%,655}655
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SAAFP {0.0%,640}640
SPL {0.0%,616}616
RJPD {0.0%,586}586
ABJS {0.0%,562}562
SAP {0.0%,524}524
BDBP {0.0%,513}513
LPSP {0.0%,498}498
JHD {0.0%,478}478
RSPTY {0.0%,477}477
LKSE {0.0%,441}441
RAHM {0.0%,422}422
ATBP {0.0%,385}385
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SoJP {0.0%,342}342
RJnJnP {0.0%,335}335
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JPS {0.0%,309}309
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JRVP {0.0%,217}217
HND {0.0%,204}204
prrp {0.0%,144}144
aicp {0.0%,130}130
NYP {0.0%,107}107
DKP {0.0%,105}105
C(S) {0.0%,99}99
AIFB(S) {0.0%,96}96
MaJP {0.0%,93}93
NaLP {0.0%,89}89
NOTA {2.6%,470156}470156
Last Updated at 13:28 On 08/11/2015

Wednesday, October 28, 2015

खेल बनकर रह गया है पंचायती चुनाव


सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई खत्म, फैसला सुरक्षित

कुरुक्षेत्र, पवन सोंटी।
1966 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि हरियाणा में पंचायती चुनाव खेल सा बनकर रह गया है। पूरे 3 महीने से हजारों गांव पंचायत शून्य होकर रह गए हैं। गत 24 जुलाई से सरपंचों की शक्तियां खत्म करते हुए उनके बस्ते ग्राम सचिवों व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के पास जमा हैं और अभी तक अगली पंचायतों का गठन नहीं हो पाया है। बुधवार का दिन ग्रामीणों के लिये तनाव पूर्ण था कि इस दिन सर्वोच्च न्यायालम क्या फैसला देगा, लेकिन इस दिन भी वही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया गया। अब यह भविष्य के गर्भ में है कि अदालत कब और क्या फैसला सुनाती है। विदित रहे कि मौजूदा सरकार ने आनन फानन में हरियाणा पंचायती राज कानून 1994 में नया संशोधन (हरियाणा पंचायती राज संशोधन कानून-2015) के नाम से करते हुए चुनाव प्रक्रिया जारी की थी, लेकिन नए संशोधन के कायदे कुछ लोगों को रास नहीं आए और यह कानून ही अदलातों की दहलीज के भीतर जा पहुंचा। नौबत यहां तक आई कि कानून को स्टे कर दिया गया जिस पर लम्बी बहस के बाद  बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। लेकिन इस फैसले से भी किसी को कोई लाभ नहीं हुआ है क्योंकि अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए दोनों पक्षों को कहा है कि यदि अपनी बात रखना चाहें तो एक सप्ताह के भीतर वे लिखित रूप में अपनी बात कोर्ट में रख सकते हैं। इसके बाद ही फैसला सुनाया जाएगा। अभी यह निश्चित नहीं है कि एक सप्ताह बाद भी फैसला सुना दिया जाएगा अथवा चौटाला बंधुओं की सजा के फैसले की तरह वह महीनों तक दफन रहेगा। 

क्या रही दलीलें?

27 अक्तूबर की सुनवाई में दलीलों पर सर्वोच्च न्यायालय ने कई सवाल उठाए। सरकार ने अपने हल्फनामें में कहा कि नई शर्तों के लागू होने के बाद 43 फीसदी लोग चुनाव से वंचित रह जाएंगे। इस पर अदालत ने सवाल किया कि क्या आप मान रहे हो कि यह आंकड़ा छोटा है। उधर याचिका कर्ता के वकील ने इस आंकड़े को भी गलत बताया और कहा कि 64 प्रतिशत लोग चुनाव से वंचित हो जाएंगे। सरकार के आंकड़ों को चुनौती दी जा रही है। अदालत के प्रश्र के उत्तर में सरकार की ओर से बताया गया कि हरियाणा में चार सांसद निरक्षर हैं। इस पर अदालत ने कहा कि सामान्य तरीके से भी पढ़े लिखे लोग आगे आ रहे हैं। स्कूलों की स्थिति बताते हुए बताया गया कि प्रदेश में 20 हजार स्कूल हैं। इसमें प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल शामिल हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने प्रश्र किया कि आप सरकारी स्कूल बताएं। 20 हजार की संख्या तो निजी स्कूलों को मिलाकर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही 1829 स्कूल सीनियर सेकंडरी हैं। 3200 स्कूल मैट्रिक तक। वह भी शहरी क्षेत्र के स्कूल मिलाकर।

अब क्या होगा?

चुनाव आयोग द्वारा चुनावी कार्यक्रम घोषित होने के बाद लगभग सभी संभावित उम्मीद्वारों ने अपना चुनाव प्रचार आरम्भ कर दिया था। अधिकतर लोगों ने वक्त से समझौता करते हुए अपने घर से पढे लिखे बेटों अथवा बहुओं को आगे कर दिया था और उनके नाम से सभी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली थी, लेकिन अचानक 17 सितंबर को अदालत के स्टे आदेश के बाद स्थिति उलझन की बन गई। नहीं तो नए कानून को भी मन मसोकर लोग आत्मार्पित कर रहे थे। अब स्थिति यह बन गई है कि न तो चुनाव प्रचार कर पा रहे हैं और न पूरी तरह से प्रचार स्थगित कर पा रहे हैं। लोगों में आशंका यह भी बनी हुई है कि सरकार जान बूझकर चुनाव लम्बे समय तक लटकाना चाहती है ताकि पंचायती व्यवस्था को अपने हाथों में रखा जा सके। उधर विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर सरकार को कोसने का पूरा मौका मिल रहा है।

आखिर क्या है विवाद की जड़?

विधानसभा सत्र के  अंतिम दिन 7 सितंबर 2015 को सरकार ने पंचायती राज संशोधन विधेयक-2015 विधानसभा में पारित किया था जिसमें चुनाव लडऩे के लिये कुछ शर्तों को जोड़ा गया था। इनमें शिक्षा को शामिल करते हुए सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिये पंच, सरपंच, ब्लाक समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के लिये 10वीं पास और महिलाएं व अनुसूचित जाति के पुरुषों के लिए 8वीं पास होना जरुरी किया गया था तथा पंच पद के लिए अनुसूचित जाति महिला की शैक्षणिक योग्यता 5वीं पास रखी गई थी। बिजली विभाग व प्रदेश के सरकारी तथा सहकारी बैंकों का अतिदेय न होने के प्रमाण पत्र होना जरूरी किया गया। घर में शौचालय होने का व किसी जघन्य अपराध में चार्जशीट न होने का हल्फनामा देना भी अनिवार्य किया गया था। इसमें मुख्य रूप से शिक्षा व बिजली तथा बैंकों का कर्ज चुकता करने की शर्त को लेकर लोगों में रोष था।

चुनावी घटनाक्रम क्रमवार:

मार्च 2015 के अंत तक चुनावी प्रक्रिया को लेकर विभाग ने अधिकतर ग्राम पंचायतों, ब्लाक समितियों व जिला परिषदों की वार्ड बंदी जारी कर दी थी। जिसके बाद लोगों ने संभावित उम्मीद्वारी की घोषणाऐं करनी आरम्भ कर दी थी। 
12 जून 2015 तक लग भग सभी जिला परिषदों तक की आरक्षण सूचियों के ड्रा भी हो चुके थे जिसके बाद कई संभावित उम्मीद्वारों को अपने वार्ड महिला आरक्षित होने के कारण माताओं अथवा पत्नियों को मैदान में उतारना पड़ा।
24 जुलाई 2015 के बाद पंाचयतों का कार्यकाल खत्म होना था सो इसी दिन सरपंचों से चार्ज ले लिया गया और गावों की बागडोर सीधे पंचायती विभाग के हाथों में आ गई। 
इसके पश्चात सरकार ने काफी सोच विचार के बाद मंत्री मंडल की बैठक में पास करके पंचायती राज कानून में संशोधन संबंधी अध्यादेश जारी कर दिया जिसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई।  
आनन फानन में प्रदेश सरकार ने विधानसभा सत्र के अंतिम दिन 7 सितम्बर को मामूली संसोधन करते हुए इस अध्यादेश को वापिस लेकर नया संशोधन विधेयक पारित कर दिया। इस कानून के देर सांय तक प्रकाश में आने के बाद अगले दिन यानि 8 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग ने दोपहर से पहले ही पंचायती चुनाव घोषित कर दिये। 
4,11 व 18 अक्टूबर को 3 चरणों में चुनाव घोषित किए गए।
10 सितंबर को इस नए कानून को चुनौती देते हुए हिसार की वेदवंती ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में शैक्षणिक योग्यता पर याचिका दाखिल कर दी।
14 सितंबर को उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंचायत प्रक्रिया पर रोक लगाने से
इनकार कर दिया।
15 सितंबर से पहले चरण तथा सभी जिला परिषदों के लिये नामांकरन प्रक्रिया जारी हो गई।
17 सितंबर को जगमती सांगवान व अन्य की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने नए संशोधन कानून पर रोक लगाते हुए सरकार के सामने विकल्प रखा कि पुराने कानून के तहत चुनाव करवाना चाहे तो करवा सकती है।
सरकार ने भी आनन फानन में 18 सितंबर से पुराने नियमों के अनुसार भी नामांकर स्वीकारने का काम शुरु करवा दिया और शर्त रख दी की सर्र्वोच्च न्यायालय का जो फैसला होगा वो इन पर लागू होगा।
उधर सरकार ने अदालत से जल्दी सुनवाई का वक्त मांगा और 22 तारीख तक अपना पक्ष रखने की बात कही। इस कारण 21 तारीख को नामांकनों की छंटनी का घोषित कार्यक्रम भी बदलना पड़ा और इसे 22 सितंबर को कर दिया गया।
22 सितंबर को अदालन ने सरकार की एक नहीं सुनी और 7 अक्टूबर की तारीख दे डाली जिस कारण चुनाव प्रक्रिया वहीं रोक दी गई।
फिर 7 अक्टूबर को दिनभर की बहस के बाद अगले दिन के लिए सुनवाई की तारीख तय कर दी गई।
8 अक्टूबर को सारा दिन की बहस के बाद अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 13 अक्तूबर रख दी।
13 अक्टूबर से लगातार तीन दिन तक सुनवाई चली और अंतत: अदालत ने 27 अक्टूबर की अगली तारीख सुनवाई के लिए तय कर दी।
गत दिवस 27 अक्टूबर को दिनभर सुनवाई चली और सरकार ने अपना पक्ष रखा तथा बकाया दलीलों पर 28 अक्टूबर को फिर से सुनवाई हुई। आज अदालत ने सुनवाई के उपरांत फैसला सुरक्षित रख लिया।