Saturday, February 24, 2018

कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री ने किया गुरुकुल का दौरा

आचार्य देवव्रत के ‘जीरो बजट प्राकृतिक कृषि’ मॉडल की सराहना की


कुरुक्षेत्र, 24 फरवरी: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म के अवलोकन हेतु आज गुजरात की अमरेली सीट से सांसद केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री परषोत्तम रूपाला कृषि वैज्ञानिक व अधिकारियों की पूरी टीम के साथ गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे। गुरुकुल में पहुंचने पर गुरुकुल के प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी एवं सह-प्राचार्य शमशेर सिंह ने पूरी टीम का जोरदार स्वागत किया। तत्पश्चात् प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी ने स्वयं मुख्य सचिव व उनकी टीम को गुरुकुल की उन्नत व अत्याधुनिक गोशाला, जीवामृत, घनजीवामृत निर्माण केन्द्र, जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म सहित पूरे गुरुकुल का अवलोकन कराया। मंत्री महोदय ने गुरुकुल की गोशाला की देशी नस्ल की गायों के स्वास्थ्य और दुग्ध क्षमता की भी खूब सराहना की।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म के अवलोकन के दौरान माननीय मंत्री परषोत्तम रूपाला व उनकी टीम ने फसलांे की गुणवत्ता, पैदावार, फसलों पर आने वाले खर्च के विषय में विस्तृत चर्चा की। खेतों में खड़ी गन्ना, आलू, गेंहू व सब्जियों की फसलों को देखकर हिमाचल प्रदेश से आई टीम के सभी सदस्य दंग रह गये। मंत्री महोदय ने कहा कि बिना खाद व पेस्टीसाइड के इतनी उन्नत और अच्छी फसल इससे पहले उन्होंने कभी नहीं देखी। उन्होंने महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी के देशी गाय पर आधारित ‘जीरो बजट प्राकृतिक कृषि’ मॉडल की जमकर तारीफ की और कहा कि निश्चित रूप से यह मॉडल किसानों के आय दोगुनी करने में उपयोगी सिद्ध होगा। अन्त में गुरुकुल के प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी ने केन्द्रीय राज्यमंत्री परषोत्तम रूपाला को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह, कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह, सतपाल सिंह, डॉ. हरिओम आदि उपस्थित रहे। 

Friday, February 16, 2018

इफको ने किसानों को दी संचार सेवाओं की जानकारी, पशुओं के लिए बांटी गई दवाइयाँ


मथाना में पशुओं को लेकर आयोजित हुआ जागरूकता शिविर
कुरुक्षेत्र, 16 फरवरी: गांव मथाना के राजकीय पशु अस्पताल में पशुओं को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें इफको की ओर से किसानों को संचार सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर इफको किसान संचार के प्रदेश प्रबन्धक ए. के. चावला ने बताया कि इफको की ओर से कृषि आदान बनाने के साथ-साथ किसानों के लिए निशुल्क संचार सेवाएँ भी दी जा रही हैं।


उन्होने बताया कि अब इफको किसान संचार एसएमएस के अलावा वॉइस मैसेज के द्वारा भी किसानों को जानकारी उपलबद्ध करवा रहा है। इफको की कृषि सुविधा एप्प के जरिये भी किसान अपने स्मार्ट फोन पर अपनी फसलों संबंधित समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मथाना पशु अस्पताल के पशु चिकित्सक डाक्टर प्रवीण कुमार ने पशुओं की मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता पर चर्चा करते हुए मुंह-खुर व गलघोटू के टीके लगवाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया। उन्होने बताया कि 16 से 18 मार्च तक रोहतक में प्रदेश स्तरीय पशु मेले का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें पहुँच कर पशुपालक लाभ उठा सकते हैं।

खैरी पशु अस्पताल के वीएलडीए डाक्टर मुलतान सिंह ने बताया कि पशुओं में कम दूध की समस्या का मुख्य कारण पेट के कीड़े भी हो सकते हैं। इसलिए पेट के कीड़ों की दवाई चिकित्सकीय परामर्श के बाद जरूर दें। उन्होने कहा कि इस दवाई के साथ ही लीवर संबंधित दवाई भी देना जरूरी है। उन्होने कहा कि आजकल पशुओं में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी पाई जाती है। इसलिए पशुओं को मिनरल मिक्सचर भी जरूर दिया जाना चाहिए।
मथाना के वीएलडीए डाक्टर नरेंद्र सिंह ने शिविर में लाए गए पशुओं का उपचार किया व उन्हें दवाइयाँ दी। उन्होने किसानों को फर्स्टएड के गुर भी सिखाए। इस अवसर पर पशुओं के लिए कई प्रकार की दवाइयाँ भी निशुल्क बांटी गई।

कार्यक्रम के अंत में मथाना के सरपंच प्रतिनिधि चौधरी तेजपाल मथाना ने आए हुए अतिथियों व किसानों का धन्यवाद किया। उन्होने इफको प्रतिनिधियों व पशु चिकित्सकों से अनुरोध किया कि इस प्रकार के शिविर नियमित तौर पर लगाए जाने चाहिए। शिविर में दबखेड़ा के पशु चिकित्सक डाक्टर अतर सिंह व इफको जिला अधिकारियों आदि के अलावा चौधरी मान सिंह, शमशेर सिंह, पवन सोंटी, विक्रम सिंह, संजु अंटेहड़ी, गऊशाला सचिव हारजीत सिंह आदि सहित अनेकों पशुपालक भी उपस्थित थे।
गौवंश धाम एवं अनुसंधान केंद्र का भी किया दौरा
चौधरी तेजपाल के अनुरोध पर इफको की टीम ने मथाना स्थित गौवंश धाम एवं अनुसंधान केंद्र का भी दौरा किया। वहां पर भारी संख्या में गौवंश की मौजूदगी व सही देखरेख को देख इफको प्रदेश प्रबन्धक ए.के. चावला ने खुशी जाहिर की। उन्होने कहा कि इस गौशाला में इतनी भारी संख्या में गौवंश को सँभाला जा रहा है, यह खुशी की बात है। वह अपने उच्चाधिकारियों से मिलकर इफको की तरफ से भी यहाँ के लिए किसी प्रकार की सहायता जारी करवाने का प्रयास करेंगे।