Saturday, November 11, 2017

आइये जानें जमीन के माप व पटवार में चलने वाले नाम जिनसे अक्सर लोग उलझ जाते हैं:

S.No
Terms
Description
1
आबादी देह
गॉंव का बसा हुआ क्षेत्र ।
2
मौजा
ग्राम
3
हदबस्त
त्हसील में गॉंव का सिलसिलावार नम्बर ।
4
मौजा बेचिराग
बिना आबादी का गॉंव ।
5
मिसल हकीयत
बन्दोबस्त के समय विस्तारपूर्वक तैयार की गई जमाबन्दी ।
6
जमाबन्दी
भूमि की मलकियत व बोने के अधिकारों की पुस्तक ।
7
इन्तकाल
मलकियत की तबदीली का आदेश ।
8
खसरा गिरदावरी
खातेवार मलकियत,बोने व लगान का रजिस्टर ।
9
लाल किताब
गॉंव की भूमि से सम्बन्धित पूर्ण जानकारी देने वाली पुस्तक ।
11
शजरा नसब
भूमिदारों की वंशावली ।
12
पैमाईश
भूमि का नापना ।
13
गज
भूमि नापने का पैमाना ।
14
अडडा
जरीब की पडताल करने के लिए भूमि पर बनाया गया माप ।
15
जरीब
भूमि नापने की 10 कर्म लम्बी लोहे की जंजीर ।
16
गठठा
57.157 ईंच जरीब का दसवां भाग ।
17
क्रम
66 ईंच लम्बा जरीब का दसवां भाग ।
18
क््रास
लम्ब डालने के लिए लकडी का यन्त्र ।
19
झण्डी
लाईन की सीधाई के लिए 12 फुट का बांस ।
20
फरेरा
दूर से झण्डी देखने के लिए बांस पर बंधा तिकोना रंग बिरंगा कपडा ।
21
सूए
पैमाईश के लिए एक फुट सरिया ।
22
पैमाना पीतल
म्सावी बनाने के लिए पीतल का बना हुआ ईंच ।
23
म्ुसावी
मोटे कागज पर खेतों की सीमायें दर्शाने वाला नक्शा ।
24
शजरा
खेतों की सीमायें दिखाने वाला नक्शा ।
25
शजरा किस्तवार
टरैसिंग क्लाथ या टरैसिंग पेपर पर बना हुआ खेतों का नक्शा
26
शजरा पार्चा
कपउे पर बना खेतों का नक्शा ।
27
अक्स शजरा
शजरे की नकल (प्रति)
28
फिल्ड बुक
खेतों के क्षेत्रफल की विवरण पुस्तिका ।
29
बीघा
4040 वर्ग करम त्र4 बीघे का खेत ।
30
मुरब्बा
25 किलों की समूह यानि 200 कनाल
31
मुस्ततील
25 एकड का समूह यानि 200 कनाल
32
इस्तखराज
नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना
33
रकबा
खेत का क्षेत्रफल
34
किस्म जमीन
भूमि की किस्म
35
जमीन सफावार
खेतों का पृष्ठवार जोड
36
थ्मजान खातावार
जेतवार जोड
37
मिजान कुलदेह
गॉंव के कुल क्षेत्रफल का जोड
38
जोड किस्मवार
गॉंव की भूमि का किस्मवार जोड
39
गोशा
खेत का हिस्सा
40
त्तीमा
खेत का बांटा गया भाग
41
व्तर
कर्ण
42
बिसवांसी
57.157 ईंच कर्म का वर्ग
43
बिसवा
20 बिसवांसी
44
बिघा
20 बिसवा
45
म्रला
9 सरसाही बारबर 30-1@4 वर्ग गज त्र1@20
46
क्नाल
20 मरले 605त्र वर्ग गज त्र1@8 एकड
47
एकड
एक किला (40 करमग 36 करम) 4 बीघे- 16 बिसवेत्र(4840 वर्ग गज)
49
शर्क
पूर्व
50
गर्व
प्श्चिम
51
जनूब
दक्षिण
52
शुमाल
उत्तर
53
खेवट
मलकियत का विवरण
54
खतौनी
कशतकार का विवरण
55
पत्ती तरफ ठोला
गॉंव में मालकों का समूह
56
गिरदावर(कानूनगो)
पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला
57
दफतर कानूनगो
तहसील कार्यालय का कानूनगो
58
नायब दफतर कानूनगो
सहायक दफतर कानूनगो
60
सदर कानूनगो
जिला कार्यालय का कानूनगो ।
61
वासल वाकी नवीस
राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी
62
मालिक
भूमि का भू-स्वामी
63
कास्तकार
भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला ।
64
मालक कब्जा
मालिक जिसका शामलात में हिस्सा न हो ।
65
मालक कामिल
मालिक जिसका शामलात में हिस्सा हो
66
शामलात
सांझाी भूमि
67
शामलात देह
गॉंव की शामलात भूमि
68
शामलात पाना
पाने की शामलात भूमि
69
शामलात पत्ती
पत्ती की शामलात भूमि
70
शामलात ठौला
ठोले की शामलात भूमि
71
मुजारा
भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो ।
72
मौरूसी
बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा
73
गैर मौरूसी
बेदखल होने योग्य कास्तकार
74
छोहलीदार
जिसको भूमि दान दी जावे ।
76
नहरी
नहर के पानी से सिंचित भूमि ।
77
चाही नहरी
नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि
78
चाही
क्ुएं द्वारा सिंचित भूमि
79
चाही मुस्तार
खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि ।
80
बरानी
वर्षा पर निर्भर भूमि ।
81
आबी
नहर व कुएंे के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि ।
82
बंजर जदीद
चार फसलों तक खाली भूमि ।
83
बंजर कदीम
आठ फसलों तक खाली पडी भूमि ।
84
गैर मुमकिन
कास्त के अयोग्य भूमि ।
85
नौतौड
कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना ।
86
क्लर
शोरा या खार युक्त भूमि ।
87
चकौता
नकद लगान ।
88
सालाना
वार्षिक
90
बटाई
पैदावार का भाग ।
91
तिहाई
पैदावार का 1@3 भाग ।
92
निसफी
पैदावार का 1@2 भाग ।
93
पंज दुवंजी
पैदावार का 2@5 भाग ।
94
चहाराम
पैदावार का 1@4 भाग ।
95
तीन चहाराम
पैदावार का 3@4 भाग ।
97
मुन्द्रजा
पूर्वलिखित (उपरोक्त)
98
मजकूर
चालू
99
राहिन
गिरवी देने वाला ।
100
मुर्तहिन
गिरवी लेने वाला ।
101
बाया
भूमि बेचने वाला ।
102
मुस्तरी
भूमि खरीदने वाला ।
103
वाहिब
उपहार देने वाला ।
104
मौहबईला
उपहार लेने वाला ।
105
देहिन्दा
देने वाला ।
106
गेरिन्दा
लेने वाला ।
107
लगान
मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस
108
पैमाना हकीयत
शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी ।
109
सरवर्क
आरम्भिक पृष्ठ ।
110
इण्डैक्स
पृष्ठ वार सूची ।
115
नक्शा कमीबेशी
पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि
118
वाजिबुलअर्ज
ग््रामवासियों के ग्राम सम्बन्धी रस्में रीति रिवाज ।
119
थ्वरासत
उत्तराधिकार ।
121
मुतवफी
मृत्क
122
हिब्बा
उपहार ।
123
बैयहकशुफा
भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार ।
124
श्रहन बाकब्जा
कब्जे सहित गिरवी ।
125
आड रहन
बिला कब्जा गिरवी ।
127
रहन दर रहन
मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना ।
128
सैंकिण्ड रहन
राहिन द्वारा मुर्तहिन के ईलावा किसी अन्य के पास गिरवी रखना ।
129
फकुल रहन
गिरवी रखी भूमि को छुडा लेना ।
133
तबादला
भूमि के बदले भूमि लेना ।
134
बैय
जमीन बेच देना
138
पडत सरकार
राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति ।
139
पडत पटवार
रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति ।
140
मुसन्ना
असल रिकार्ड के स्थान पर बनाया जाने वाला रिकार्ड ।
141
फर्द
नकल
142
फर्द बदर
राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना ।
143
मिन
भाग
144
गिरदावरी
खेतों का फसलवार निरीक्षण ।
145
जिंसवार
फसलवार जिंसों का जोड
147
फसल खरीफ
सावनी की फसल
148
खराबा
प््रााकृिितक आपदा से खराब हुई फसल ।
149
फसल रबी
आसाढी की फसल ।
150
पुख्ता
औसत झाड पैदावार के अनुसार पक्की फसल
151
साबिक
भूतपूर्व, पूर्व,पुराना ।
152
हाल
वर्तमान, मौजूदा ।
153
बदस्तूर
जैसे का तैसा(पूर्ववत)
154
तकावी
फसल ऋण ।
155
कुर्की
अटैचमैन्ट
156
दसतक
राईट आफ डिमाण्ड
157
नीलाम
खुली बोली द्वारा बेचना ।
158
बिला हिस्सा
जिसमें भाग न हो ।
159
मिन जानिब
की ओर से ।
160
बनाम
के नाम ।
161
जलसाआम
जनसभा ।
162
बशनाखत
की पहचान पर ।
163
पिसर या वल्द
पुत्र
164
दुखतर
सुपुत्री
165
वालिद
पिता
166
वालदा
माता
167
बेवा
विधवा
168
वल्दीयत
पिता का नाम
169
हमशीरा
बहन
172
हद
सीमा
173
हदूद
सीमायें
174
सेहहदा
तीन गॉंवों की एक स्थान पर मिलने वाली सीमाओं पर पत्थर
175
बखाना कास्त
कास्त के खाने में दर्ज ।
176
सकूनत
निवास स्थान
177
महकूकी
काटकर दोबारा लिखना
178
मसकूकी
बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना
179
बुरजी सरवेरी
सर्वेक्षण का पत्थर
180
चक तशखीश
बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण
181
दो फसली
वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
183
मेण्ड
खेत की सीमा
184
गोरा देह भूमि
गॉंव के साथ लगती भूमि
185
हकदार
मालिक भूमि
186
इकरारनामा
आपसी फैसला
190
खुशहैसियत
अच्छी हालत
191
महाल
ग्राम
192
कलां
बडा
193
खुर्द
छोटा
194
जदीद
नया
195
मालगुजारी
भूमिकर
196
तरमीम
बदल देना
197
गोत
वंश का गोत्र
198
जमां
भूमि कर
199
झलार
नदी नाले से पानी देने का साधन
201
कारगुजारी
प्रगति रिपोर्ट
202
खाका
प्रारूप


Monday, November 6, 2017

केयूके नकली डीएमसी मामला: एक आउटसोर्सिंग कर्मी भी गिरफ्तार, अब तक 5 आए लपेटे में ......

कुरुक्षेत्र 6 नवम्बर (विनय चौधरी): कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के नकली डीएमसी मामले में पुलिस की अपराध शाखा ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।  रविवार देर शाम कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बतौर कर्मचारी कार्यरत राजकुमार को गिरफ्तार किया गया।  यह आरोपी गिरौह को डीएमसी की असल बिना प्रिंट कॉपी मुहैया करवाता था। आरोपी की पहचान राजकुमार वासी थानेसर शहर के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी राजकुमार पहले भी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नौकरी कर चुका है नौकरी और अब दोबारा 4 दिन पहले ही उसने आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत ठेकेदार के माध्यम से ज्वाइन किया था। पहले आरोपी विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में तैनात था तथा उसकी डयूटी प्रिटिंग प्रैस से कार्यालय तक बिना प्रिंट की कापियां लाने पर थी। प्रिंटिंग प्रैस से लाते समय रास्ते में ही चुरा लेता था असल कॉपी। 

आरोपी ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा शाखा में कार्यरत था तथा प्रिंटिंग प्रेस से डीएमसी का बंडल ले कर आता था इस मंडल में सैकड़ों की संख्या में बिना प्रिंट हुई डीएमसी होती थी तथा ये कापियां वह परीक्षा शाखा में दूसरे कर्मचारियों को हैंडओवर करता था।  लेकिन रास्ते में ही चला वह उसमे से 3/4 कॉपी निकाल लेता था। तथा बिना प्रिंट ही कापियों को गिरोह के सदस्यों तक पहुंचा देता था।  गौरतलब है कि पुलिस ने गिरौह के सदस्यों से करीब 30 असली डीएमसी बिना प्रिंट बरामद की थी जबकि कुछ डी एम सी ओ पर नाम पते वह मार्कस  चढ़ाए हुए थे। आरोपी को अदालत मे पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत मे भेज दिया है।

Saturday, November 4, 2017

कुरुक्षेत्र में नकली डी एम सी मामले के दो और आरोपी गिरफ्तार.....

नकली डी एम सी मामले के दो और आरोपी गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र 4 नवम्बर।  जिला पुलिस की अपराध शाखा की टीम नकली डी एम सी मामले के दो और आरोपियो को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि अपराध शाखा की टीम ने गत दिवस ही 
शहर मे नकली डी एम सी बनाने वाले एक गिरौह का पर्दाफास करते हुऐ गिरोह के दो मुख्य आरोपियो को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से नकली डी एम सी बनाने वाला सामान एक लैपटाप , एक प्रिंटर , 9 रबड स्टैम्प , खाली डी एम सी व काफी संख्या मे अन्य कागजात बरामद किये थे। आरोपियों को अदालत मे पेश कर 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। आरोपियों की पूछताछ पर नकली डी एम सी बनाने वाले गिरोह के दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है।  आरोपियों की पहचान सुरजीत सिहँ उर्फ जीता वासी अंटेडी थाना बाबैन कुरुक्षेत्र  व राहुल वासी शान्ति नगर थानेसर जिला कुरुक्षेत्र के रुप मे हुई है। आरोपियो को अदालत मे पेश किया गया जहाँ से उनको न्यायिक हिरासत मे भेज दिया है। निरीक्षक ने बताया कि अभी जाँच चल रही है जल्द ही इनके और साथियों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। 

Friday, November 3, 2017

कुरुक्षेत्र में नकली डी एम सी बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड। दो आरोपी गिरफ्तार

नकली डी एम सी बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड। दो आरोपी गिरफ्तार 

लैपटाप , प्रिंटर , खाली डी एम सी ,अन्य कागजात बरामद


कुरुक्षेत्र 3 नवम्बर।  जिला पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने शहर मे नकली डी एम सी बनाने वाले एक गिरौह का पर्दाफास करते हुऐ गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकली डी एम सी बनाने वाला सामान एक लैपटाप , एक प्रिंटर , 9 रबड स्टैम्प , खाली डी एम सी व अन्य कागजात बरामद किये हैं। प्रैस वार्ता मे अपराध शाखा एक प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली थी  कि कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के सामने आजाद नगर के एक मकान मे कुछ लोग नकली डी एम सी बनाने का काम करते है। सूचना के आधार पर अपराध शाखा के कर्मचारियों जिसमे निरीक्षक सुखबीर सिहँ , उप निरीक्षक राज कुमार , ए एस आई विरेन्द्र , ए एस आई पवन , हैड कांसटेबल विरेन्द्र , सिपाही हरप्रीत , सिपाही ललित की एक टीम तैयार की गई। टीम द्वारा आजाद नगर स्थित उक्त मकान रेड की गई जहाँ पर दो नौजवान लडके हाजिर मिलें। मकान की तलाशी लेने पर वहाँ से एक लैपटाप , एक प्रिंटर , 9 मोहरे जो यूनिवर्सिटी के अलग अलग विभाग व स्कूलों की हैं , 15 प्रोविजनल फार्म खाली , 5 रोल नम्बर स्लीप खाली , 4 असल डी एम सी के यू के कलर खाली , 27 डी एम सी असल जिनका प्रिंट साफ हुआ है , 3 डी एम सी खाली बी एड , 2 डी एम सी बी एस सी डुप्लीकेट , 20 डी एम सी तैयारशुदा व अन्य काफी कागजात बरामद हुऐ हैं। आरोपियों की पहचान सदींप कुमार वासी बडौला जिला अम्बाला व लाभ सिहँ वासी खानपुर रोडान जिला कुरुक्षेत्र के रुप मे हुई है। आरोपियो को अदालत मे पेश किया गया जहाँ से उनको 6 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। निरीक्षक ने बताया कि अभी जाँच चल रही है जल्द ही इनके और साथियों को भी गिरफ्तार किया जाऐगा। 
आरोपी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी मे कर चुके हैं नौकरी
निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि आरोपी सदींप कुमार ठेका पर यूनिवर्सिटी की अकाऊंट ब्राँच मे नौकरी करता था वहीं लाभ सिहँ पहले सिक्योर्टी गार्ड था बाद मे पदोन्त होकर सर्टीविकेट सैक्शन मे नौकरी करता था जहाँ से आजकल सस्पैन्ड चल रहा था।
फेल होने वाले या कम्पार्टमैन्ट वाले विधार्थियों से करते थे सम्पर्क।
निरीक्षक ने बताया कि आरोपी अपने अन्य साथियों की मदद से फेल होने वाले या कम्पार्टमैन्ट वाले विधार्थियों सम्पर्क करते और उनको पास करवाने या नम्बर बढवाने का कहकर पैसे लेकर उनको नई नकली डी एम सी बनाकर दे देते थे। 

Wednesday, November 1, 2017

हिमाचल में कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, किसानों को फ्री लोन, छात्रों को लैपटाप का किया वादा

हिमाचल में कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, किसानों को फ्री लोन, छात्रों को लैपटाप का किया वादा


शिमला (उत्तम हिन्दू न्यूज): हिमाचल में विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी महौल गर्मा गया है। वहीं कांग्रेस ने आज चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। जिसमें मतदाताओं को रिझाने के लिए कई लुभावने वादे किए गए है। बुधवार को घोषणा पत्र कमेटी के चेयरमैन ठाकुर कॉल सिंह ने मेनिफेस्टो जारी किया। घोषणा पत्र में छोटे किसानों को बिना ब्याज के लोन और स्कूली छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया गया है।

कांग्रेस ने डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार और मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने की घोषणा की है। घोषणा पत्र जारी करते हुए राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री और वीरभद्र सिंह ने कहा कि 5 सालों में हमने जो वादे किए थे वो 95 प्रतिशत पूरे किए हैं। हिमाचल प्रदेश में दोबारा सत्ता में वापसी पर उनकी पार्टी छोटे किसानों को एक लाख रुपये तक बिना ब्याज के कर्ज देगी। हर गांव को सड़कों से जोड़ा जाएगा। पार्टी ने वादा किया कि डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। वीरभद्र ने कहा कि सत्ता में वापसी पर दिहाड़ी मजदूरों को 350 रुपये मजदूरी मिलेगी। बुजुर्गों की पेंशन भी बढ़ाई जाएगी। 

घोषणा पत्र की मुख्य बातें:
-मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 350 रुपये की जाएगी।
-2 साल के कांट्रेक्ट नौकरीपेशा लोगों को रेगुलर किया जाएगा।
-छोटे किसानों को बिना ब्याज के 1 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।
- रोजगार के लिए डेढ़ लाख तक नौकरियां दी जाएंगी।
- स्कूली छात्रों को 1 जीबी फ्री डेटा के साथ 50 हजार लैपटॉप।
-जंगली जानवरों से बचने के लिए ठोस नीति बनाई जाएगी।
-नये खोले गए स्कूलों ओर कॉलेजों में स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में एक ही चरण में 9 नवंबर को 68 सीटों पर वोटिंग होगी और 18 दिसंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा।

Monday, October 30, 2017

जारी है डेंगू का प्रकोप, आइये जानें इसके लक्षण, उपचार व सावधानियाँ.......



जारी है डेंगू का प्रकोप
आइये जानें इसके लक्षण, उपचार व सावधानियाँ.......  
कुरुक्षेता, 30 अक्तूबर 2017: इन दिनों देश भर में डेंगू ने कहर बरपा रखा है। सैंकड़ों लोगों की जान जा चुकी है तो हजारों पीड़ित अस्पतालों में भर्ती हैं। पहले हम देशभर में डेंगू की स्थिति पर चर्चा करते हैं।
इसकी गंभीरता को लेकर केंद्र सरकार भी चिंतित है और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा तमिलनाडु में तो डेंगू बुखार के प्रकोप को लेकर केंद्रीय दल भी भेजा गया जिसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), नई दिल्ली, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली के डॉक्टर शामिल थे। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2017 (12.10.2017 तक) के दौरान तमिलनाडु में कुल 12324 डेंगू के मामलें दर्ज किए गए और डेंगू के कारण 18 लोगों की मृत्यु हुई।

यही नहीं 27 सितंबर 2017 की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जम्मू संभाग में डेंगू के मरीजों की संख्या विगत एक महीने में 145 तक पहुँच चुकी है। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में हजारों लोग डेंगू की चपेट में हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम और रोगियों के बेहतर उपचार करने में जुटा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक डेंगू के 18238 मामले सामने आये हैं जबकि 35 लोगों की मौत हुई है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के अनुसार महाराष्ट्र में मच्छर जनित रोगों व स्वाइन फ्लू से अब तक 685, गुजरात में 434 राजस्थान में 230, उत्तर प्रदेश में 165, मध्य प्रदेश में 140 और केरल में 130 लोगों की मौत हुई है। मुख्य सचिव ने तर्क दिया है कि राज्य में बुखार के सभी मामले डेंगू के नहीं हैं।
पंजाब सरकार चला रही है डेंगू फ्री एप्प:
डेंगू बुखार व चिकनगुनिया बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने 'डेंगू फ्री पंजाब' एप्प तैयार किया है। इस एप में डेंगू व चिकनगुनिया रोग के वाहक एडीज एजिप्ट मच्छर के पैदा होने से लेकर उससे बचाव से संबंधित हर तरह की जानकारी है। विभाग का दावा है कि पंजाब पहला प्रदेश है, जहां इस तरह का एप्प लांच किया गया है।
डेंगू के बारे में समझें जरूरी बातें
जब डेंगू इतना डरावना होता जा रहा है तो आम आदमी को इसके बारे में जानने की जरूरत है, ताकि इसके डर को कम करने के साथ-साथ इस बीमारी का सही उपचार भी हो सके। आइये जानते हैं डेंगू के लक्षण, उपचार व सावधानियाँ:
कैसे होता है डेंगू
डेंगू एडीज इजिप्टी नस्ल की मादा मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं। एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता। इनका आकार सामान्य मच्छरों से बड़ा होता है और ये साफ जगह पर रहते हैं। डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज को जब कोई एडीज मच्छर काटता है तो वह उस मरीज के खून के साथ डेंगू वायरस भी अपने शरीर में ले लेता है। जब यह डेंगू वायरस वाला मच्छर किसी और को काटता है तो उससे वह वायरस उस मनुष्य के शरीर में पहुंच जाता है, जिससे वह डेंगू से पीड़ित हो जाता है।
क्या हैं डेंगू के लक्षण व प्रकार?
मच्छर के काटने से करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण नजर आने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की अवधि 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है।
डेंगू बुखार तीन प्रकार का होता है: क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार, डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) और डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS)। इन तीनों में से दूसरी और तीसरी किस्म का डेंगू सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।
साधारण डेंगू बुखार अपने आप ठीक हो जाता है और इससे जान का कोई खतरा नहीं होता लेकिन अगर किसी को DHF या DSS डेंगू बुखार हो और उसका फौरन उपचार शुरू न किया जाए तो जान भी जा सकती है।
साधारण डेंगू बुखार के लक्षण:
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार होना, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना, गले में हल्का-सा दर्द होना, शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रेशे होना आदि।
यह करीब 5 से 7 दिन तक रहता है और मरीज ठीक हो जाता है। ज्यादातर मामलों में इसी किस्म का डेंगू बुखार होता है।
डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) के लक्षण:
नाक और मसूढ़ों से खून आना, शौच या उलटी में खून आना, स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चिकत्ते पड़ जाना,
अगर क्लासिकल साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखाई दें तो वह डीएचएफ़ हो सकता है। खून के टेस्ट से इसका पता लग सकता है।
डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS) के लक्षण:
इस बुखार में DHF के लक्षणों के साथ-साथ 'शॉक' की अवस्था के भी कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। मरीज बहुत बेचैन हो जाता है और तेज बुखार के बावजूद उसकी चमड़ी ठंडी महसूस होती है। मरीज धीरे-धीरे बेहोश होने लगता है। मरीज की नब्ज कभी तेज और कभी धीरे चलने लगती है। मरीज का ब्लड प्रेशर एकदम कम हो जाता है।
प्लेटलेट्स की भूमिका
आमतौर पर तंदुरुस्त आदमी के शरीर में डेढ़ से दो लाख प्लेटलेट्स होते हैं। अगर प्लेटलेट्स एक लाख से कम हो जाएं तो उसकी वजह डेंगू हो सकता है। अगर प्लेटलेट्स गिरकर 20 हजार तक या उससे नीचे पहुंच जाएं तो प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। डेंगू का वायरस आमतौर पर प्लेटलेट्स कम कर देता है, जिससे बॉडी में ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। अगर प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हैं, मसलन सुबह एक लाख थे और दोपहर तक 50-60 हजार हो गए तो शाम तक गिरकर 20 हजार पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर प्लेटलेट्स का इंतजाम करने लगते हैं ताकि जरूरत पड़ते ही मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाए जा सकें। प्लेटलेट्स निकालने में तीन-चार घंटे लगते हैं।
उपचार:
अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज घर पर किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) ले सकते हैं। एस्प्रिन (डिस्प्रिन आदि) बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखें। मरीज को आराम करने दें।
मरीज में DSS या DHF का एक भी लक्षण दिखाई दे तो उसे जल्दी-से-जल्दी किसी फिजीशियन डॉक्टर के पास ले जाएं। DSS और DHF बुखार में प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं, जिससे शरीर के जरूरी हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। डेंगू बुखार के हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती, सिर्फ डेंगू हैमरेजिक और डेंगू शॉक सिंड्रोम बुखार में ही जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। अगर सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो DSS और DHF का पूरा इलाज मुमकिन है।
किसी भी तरह के डेंगू में मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं आने देनी चाहिए। उसे खूब पानी और तरल पदार्थ (नीबू पानी, छाछ, नारियल पानी आदि) पिलाएं ताकि ब्लड गाढ़ा न हो और जमे नहीं। साथ ही, मरीज को पूरा आराम करना चाहिए। आराम भी डेंगू की दवा ही है।
सावधानियाँ:
अधिक ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं। खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें। इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी न खाएं। हल्का खाना खाएं, जो आसानी से पच सके। पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी को उबालकर पीएं। मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, भूख से कम खाएं, पेट भर न खाएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं।
बचाव हेतु करें मच्छरों का कंट्रोल
घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें। अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें। रूम कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार और पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। अगर रखें तो उलटा करके रखें।
डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। अगर मुमकिन हो तो खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें। मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि इस्तेमाल करें। गुग्गुल के धुएं से मच्छर भगाना अच्छा देसी उपाय है।
जानकारी स्रोत: नवभारत टाइम्स व अन्य सूचनाएँ