Wednesday, November 2, 2011

रत्नावली से उपजी प्रतिभाऐं शुभा शर्मा व शोभना रावत बना चुकी हैं विशेष पहचान


रत्नावली के पहले वर्ष की प्रतिभागी भी पहुंची 26वें आयोजन पर
रत्नावली से उपजी प्रतिभाऐं शुभा शर्मा व शोभना रावत बना चुकी हैं विशेष पहचान
कुरुक्षेत्र, पवन सोंटी
          रत्नावली के मंच पर पिछले 25वर्षों में न जाने कितने कलाकार अपना हुनर दिखा चुके हैं। उनमें से कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने विशेष पहचान दर्ज की है। वह लोग आज भी रत्नवाली को प्यार करते हैं और खुद को इससे जुड़े होने पर गौरवांवित महसूस करते हैं। उन्हीं में से हैं शुभा शर्मा और शोभना रावत। यह दोनों कलाकर रत्नावली के आर िभक वर्ष 1985 में इस मंच पर अपना हुनर दिखा चुके हैं जब अनूप लाठर ने कुवि में अपना पदभार संभाला था और इस आयोजन की शुरुआत की थी।
        शुभा शर्मा जोकि इन दिनों मु बई में कालाकार हैं और शाहरूख खान के साथ विज्ञापन फिल्म में भी काम कर रही हैं, का कहना है कि आज 26 वर्ष बाद उनको यहां आकर पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। उन्होंने बताया कि 1985 में जब उन्होंने पहली बार इस मंच से पहले प्रतिभागी के रूप मे प्रस्तुति दी थी और प्रथम पुरस्कार पाया था वह पल आज फिर ताजा हो गया है। शुभा शर्मा यहां से शिक्षा प्राप्त करने के बाद रेडियो में क्लासिकल गायक कलाकर बन गई व दूरदर्शन में भी काम किया। उन्होंने अब तक प्रकाश मेहरा की फिल्म मुझे मेरी बेटी से बचाओं सहित कई फिल्मों में कमा किया है। मलयालम फिल् ा में उनकों इंदिरा के किरदार में बैस्ट ऐक्ट्रैस का पुरस्कार भी मिल चुका है। गुलाल, सोहनी महिवाल व जंजीर आदि नाटकों में काम कर चुकी हैं।
        उनके साथ पहुंची शोभना रावत भी 1985 के बैच की हैं जिन्होंने पहली रत्नावली में भाग लिया था। उनके अनुसार 1985 में उन्होंने एकल नृत्य में भाग लिया था और प्रथम पुरस्कार पाया था। उन्होंने बताया कि आज 26 साल बाद रत्नावली में पहुंच कर वह खुद को गौरवांवित महसूस कर रही हैं। हालांकि इंटरनैट के माध्यम से वो लोग रत्नावली से जुड़े रहते हंै और इसके बारे में अपडेट होते रहते हैं। शोभना रत्नावली को हरियाणा की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में एक मील का पत्थर बताती हैं। उनके अनुसार उनका एमफिल में डेजिटेशन भी हरियाणा की लोकनृत्य पर परा पर ही था। वह दूरदर्शन पर भी हरियाणवी डांस को प्रमोट करने के लिये कार्य कर चुकी हैं। शोभना 1981 में मारिशस में भी हरियाणवी दल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। इन दिनों वह उत्तराखण्ड में रह रही हैं और भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष भी हैं। 


मनोज बाक्सर भी पहुंचा रत्नावली में 
kuruksheta Vishesh Gour
हरियाणा का विश्वस्तर पर मुक्केबाजी में नाम चमकाने वाला बाक्सर मनोज भी अपने कोच व परिवार के साथ रत्नावली समारोह में शिरकत करने पहुंचा। उनके कोच राजेश रत्नावली का अंग रह चुके हैं और मनोज फेसबुक पर रत्नावली से जुड़े हैं। उनके साथ याति प्राप्त खिलाड़ी सुखबीर भी कुवि पहुंचे। मनोज को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति ने डा. डीडी एस संधू ने समृति चिन्ह देकर स मानित किया। इस अवसर पर मनोज ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा अपनी संस्कृति के साथ साथ खेल में भी देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उद्दारवादी बनें व अपने प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में अपना अपना योगदान दें। उन्होंने अपने जनून व जोश का कुछ इस तरह से इजहार किया कि होठों पर गीत व हाथों में तिरंगा होगा.........।

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