Monday, May 7, 2018

हरियाणा में 1 आईएएस तथा 24 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी


चंडीगढ़, पवन सोंटी (7 मई): हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 1 आईएएस तथा 24 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किये हैं।
चंद्र शेखर खरे, प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम, अतिरिक्त निदेशक, शहरी राज्य, गुरुग्राम तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गुुरुग्राम महानगरीय सिटी बस लिमिटेड, गुुरुग्राम को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हुए श्री विनय प्रताप सिंह की अवकाश अवधि के दौरान गुरुग्राम के उपायुक्त का कार्यभार भी सौंपा है।
नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे मनोज कुमार को अशोक कुमार गर्ग के स्थान पर एचएसएएमबी, गुुरुग्राम का क्षेत्रीय प्रशासन तथा मंदीप कौर, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं को अशोक कुमार गर्ग के स्थान पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम तथा डिप्टी सीईओ, मेवात विकास एजेंसी, नूह लगाया गया है।
इसी प्रकार, वीना हुडा, संयुक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन), हरियाणा सहकारी समिति को एक रिक्त पद पर आयुक्त फरीदाबाद खंड, फरीदाबाद, ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी), नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सुरेन्द्र सिंह-1 को रिक्त पद पर अपर आयुक्त, नगर निगम, फरीदाबाद तथा अशोक कुमार गर्ग, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम तथा क्षेत्रीय प्रशासन, एचएसएएमबी, गुुरुग्राम को एक रिक्त पद पर आयुक्त हिसार खंड, हिसार के कार्यालय में (विशेष कार्याधिकारी)लगाया गया है।
सत्येन्द्र दुहन, उप मंडल अधिकारी (नागरिक)-सह-अतिरिक्त क्लैक्टर, बावल को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण्-।, गुरुग्राम का सम्पदा अधिकारी, विरेन्द्र सिंह-1 नगर दण्डाधिकारी, नारनौल (नामित) को एक रिक्त पद पर उप मंडल अधिकारी (नागरिक)-सह-अतिरिक्त क्लैक्टर, नारायणगढ़ नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, कुशाल कटारिया, उप मंडल अधिकारी (नागरिक) खरखौदा को सत्येन्द्र दुहन के स्थान पर उप मंडल अधिकारी (नागरिक), बावल और आशिष कुमार के स्थान पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, रेवाड़ी, नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे विजेन्द्र हुडा को वीना हुडा के स्थान पर संयुक्त रजिस्ट्रार, (प्रशासन) हरियाणा सहकारी समिति लगाया गया है।
विरेन्द्र चौधरी, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल, कैथल तथा सीएओ, हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ लिमिटेड को रिक्त पद पर सचिव, हरियाणा रीयल एस्टेट नियामक प्राधिकरण, गुरुग्राम, सुरेन्द्र पाल उपमंडल अधिकारी (नागरिक), गुहला को डॉ. सुनील कुमार के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), गन्नौर तथा जितेन्द्र कुमार-॥। प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल, पलवल को प्रदीप कुमार-॥। के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), पुन्हाना नियुक्त किया है। इसी प्रकार, विजय सिंह, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज, सिरसा को कुशाल कटारिया के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), खरखौदा, कंवर सिंह, नगर दण्डाधिकारी, कुरुक्षेत्र को विरेन्द्र चौधरी के स्थान पर प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल, कैथल लगाया गया है।
इसी तरह, शम्भू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, भिवानी को वर्तमान कार्यभार के अलावा उपमंडल अधिकारी (नागरिक), बाढडा का कार्यभार भी सौंपा गया है। आशिष कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, रेवाड़ी को डॉ. शुभिता ढाका के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), गोहाना लगाया गया है। सुरेन्द्र सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, सिरसा को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ उपमंडल अधिकारी (नागरिक),डबवाली, संयम गर्ग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, कैथल को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ सुरेन्द्र पाल के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक), गुहला का कार्यभार भी सौंपा गया है। वकील अहमद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, पलवल को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ उपमंडल अधिकारी (नागरिक), होडल तथा अनिल कुमार यादव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, कुरुक्षेत्र को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ प्रदुमन सिंह के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक),थानेसर का कार्यभार भी सौंपा गया है।
इसी प्रकार, विनेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, फतेहाबाद को हरियाणा रोडवेज, चरखी दादरी का महाप्रबंधक तथा मंदीप कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्ï, जींद को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा उपमंडल अधिकारी (नागरिक),सफीदों का कार्यभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा डॉ. सुनील कुमार तथा प्रदीप कुमार-॥। के नियुक्ति आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

थानेसर नप में 13 साल के कार्यकाल की जांच सीबीआई करे तो मिलेगा कॉमनवेल्थ से भी बड़ा घोटाला: अरोड़ा


थानेसर नप में 13 साल के कार्यकाल की जांच सीबीआई करे तो मिलेगा कॉमनवेल्थ से भी बड़ा घोटाला: अरोड़ा
कुरुक्षेत्र, पवन सोंटी (7 मई): इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि नगर परिषद थानेसर के पिछले 13 वर्षों के कार्यकाल की जांच सीबीआई से कराई जाए तो परिषद में कॉमनवेल्थ गेम में हुए घोटाले से भी बड़ा घोटाला निकलेगा। अरोड़ा नगर परिषद थानेसर के प्रांगण में वार्ड 10 की पार्षद सुनीता शर्मा के नेतृत्व में वार्ड वासियों द्वारा शुरु किए गए क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों को संबोधित कर रहे थे। वार्ड वासियों का आरोप है कि सेक्टर-तीन, 30, डेरा रामपुरा क्षेत्र में टेंडर स्वीकृत होने के बावजूद भी अभी तक विकास कार्य शुरु नहीं किए गए हैं जिस कारण मजबूर होकर वार्ड वासियों को अनशन पर बैठना पड़ रहा है। क्रमिक अनशन के पहले दिन योगेश शर्मा, हुकमपाल, अमित सभ्रवाल व सोनू नरेंद्र बैठे। धरने पर बैठे लोगों की मांग है कि सेक्टर की टूटी हुई सड़कों की मरम्मत की जाए, नाले को कवर किया जाए और आवारा पशुओं को सेक्टर से पकड़कर गोशाला शिफ्ट किया जाए। इसके अलावा डेरा बाजीगर व डेरा रामपुरा में लंबित पानी व सीवरेज की व्यवस्था की जाए और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। वार्ड वासियों ने यह भी मांग की है कि सेक्टर में बिना पहचान पत्रों के रह रहे युवकों से मकान खाली करवाए जाएं।
अरोड़ा ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि वार्ड दस के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी अनशन जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा समान विकास का खोखला दावा किया जा रहा है जबकि थानेसर में विकास कार्यों में भेदभाव बरता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद में विकास के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला चल रहा है। बनी बनाई सड़कों को दोबारा से उखाड़कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है। जिन क्षेत्रों में विकास की जरूरत है वहां विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। अरोड़ा ने कहा कि भाजपा के साढ़े तीन वर्ष के शासनकाल में कुरुक्षेत्र की जनता को विकास के नाम पर केवल धूल और मिट्टी मिली है। डॉक्टरों के अनुसार नगर में धूल और मिट्टी के कारण अस्थमा के रोगियों की संख्या 10 से 20 प्रतिशत बढ़ी है। प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जो काम सरकार को करने चाहिए वह नहीं किए जा रहे हैं और जो काम स्वयं सेवी संस्थाओं के करने के होते हैं वह सरकार कर रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, कानून व्यवस्था का बुराहाल है, लेकिन सरकार उत्सव के आयोजन में लगी हुई है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अपराध की औसत दर 1.5 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 0.3 प्रतिशत है। इस प्रकार हरियाणा में राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले पांच गुणा अपराध बढ़े हैं।


प्रति एकड़ उत्पादन क्षमता बढ़ाने के दृष्टिगत लगाए जाए गन्ने उत्पदाक किसानों के जागरुकता शिविर-- किसानों को मिलनी चाहिए हर प्रकार की बुनियादी सुविधा:-डीसी


अपने कार्यालय में शुगर मिल शाहबाद के स्टाफ के साथ मिटिंग के बाद डीसी ने दिए आवश्यक निर्देश
कुरुक्षेत्र, पवन सोंटी (7 मई): डीसी डा. एसएस फुलिया ने स्थानीय लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में शुगर मिल के स्टाफ के साथ हुई एक बैठक में सभी को निर्देश दिए कि किसानों की आय दौगुनी करना सरकार के मुख्य एजेंडे में है। इसलिए गन्ना उत्पादक किसानों की प्रति एकड़ उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जागरुकता शिविर लगाए जाए। गन्ने की फसल को बिमारियों से बचाने के लिए निर्धारित मापदंढ़ के तहत किसानों को दवाईयां भी समय से उपलब्ध होनी चाहिए। सीजन निकलने के बाद दवाई असर नहीं करती, इसलिए यह कार्य समय से ही करना चाहिए।
डीसी ने बैठक के दौरान शुगर मिल के अधिकारी और कर्मचारियों को यह आदेश भी दिए मिल में किसानों के लिए पीने के पानी, विश्राम, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था सुचारु रुप से होनी चाहिए। सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। अदायगी समय पर होनी चाहिए। इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। पौधारोपण भी पर्यावरण स्वच्छता का बुनियादी आधार है। इसलिए समय-समय पर पौधारोपण किया जाए। इतना ही नही पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी अति आवश्यक है। उत्पादित शुगर के बेचने और रख-रखाव की व्यवस्था भी सही होनी चाहिए। शुगर मिल में और बेहतर सुधार के लिए अधिकारियों के साथ-साथ शुगर मिल के डारेक्टर्स से भी सुधार मांगे गए। इस मौके पर एमडी गिरिश कुमार, सीटीएम कंवर सिंह, डारेक्टर राजेन्द्र सिंह, अमोलक सैनी, कर्मचंद, शशिबाला, हरजीत सिंह, राजबाला और सतबीर सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

Saturday, May 5, 2018

प्रदेश के 6 लाख टयूब्वेलों को जोड़ा जाएगा सौर ऊर्जा के साथ: कैप्टन अभिमन्यु


पवन सोंटी, चंडीगढ़ (5 मई): हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा सरकार सौर ऊर्जा आधारित टयूब्वेल की योजना ला रही है। जिससे किसानों को लाभ होगा और किसान उपभोक्ता के साथ-साथ बिजली उत्पादक भी बनेगा, जिससे किसान की आमदनी बढ़ेगी।

यह जानकारी वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने शुक्रवार को भारत कें पंद्रवें वित्त आयोग साथ हुई बैठक के उपरांत एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी।
योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि प्रदेश के 6 लाख टयूब्वेलों को सौर ऊर्जा के साथ जोड़ा जाएगा। किसान द्वारा उसकी उपयोगिता के आधार बिजली का उपयोग किया जाएगा और उसकी उपयोगिता पूरी होने के बाद किसान बिजली को बेच भी सकेगा, जिससे वह आमदनी प्राप्त कर पाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना किसान को उपभोक्ता के साथ-साथ उत्पादक बनाने की भी है। उन्होंने कहा कि इस सौर ऊर्जा योजना से राज्य सरकार द्वारा  दी जाने वाली लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी का बोझ भी राज्य पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस योजना को पूर्ण रूप दे दिया जाएगा।

उत्तर भारत में आंधी के कारण मरने वालों के परिजनों को अनुग्रह राशि


उत्तर भारत में आंधी के कारण मरने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि देने की घोषणा
धरतीपुत्र, नई दिल्ली (5 मई): प्रधानमंत्री नरेन्द्री मोदी ने 2 मई, 2018 को उत्तर भारत के विभिन्नं राज्यों में आई धूल भरी तेज आंधी अथवा चक्रवात के कारण मरने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने इस भयावह आंधी-तूफान के कारण गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के लिए भी 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि को मंजूरी दी है।

जल संसाधनों पर अद्यतन डेटा के एकल खिड़की स्रोत के रूप में एनडब्यूध आईसी की स्थापना
धरतीपुत्र, नई दिल्ली (5 मई): कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (एनडब्ल्यूआईसी) को हाल ही में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में सृजित किया गया है। एनडब्ल्यूआईसी राष्ट्रि व्यापी जल संसाधन डेटा का एक संग्राहक होगा और यह जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के एक अधीनस्थ् कार्यालय के रूप में काम करेगा। इस केन्द्रा का प्रमुख संयुक्त सचिव स्तंर का एक अधिकारी होगा।
जल संसाधनों का प्रबंधन एक अत्यंत जटिल एवं कठिन कार्य है जिसमें बहु-विषयक ज्ञान क्षेत्रों की विशेषज्ञता की जरूरत पड़ती है और यह ऐतिहासिक एवं वास्त विक समय वाले विश्वहसनीय डेटा एवं सूचनाओं पर निर्भर रहता है। इसके लिए पहली आवश्यकता यह है कि एक व्यावपक ‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्यूआरआईएस)’ को विकसित कर उसका समुचित रख-रखाव एवं नियमित अद्यतन सार्वजनिक तौर पर किया जाए, ताकि जल संसाधनों के कारगर एकीकृत प्रबंधन के लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सभी संबंकधित हितधारकों को इसमें शामिल किया जा सके।
यह वैज्ञानिक आकलन, निगरानी, प्रतिरूपण एवं निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के लिए भी पहली आवश्यनकता है। इसे ध्यारन में रखते हुए एनडब्यूप्रणआईसी द्वारा जल संसाधनों एवं संबंधित विषयों (थीम) पर अद्यतन डेटा का ‘एकल खिड़की’ स्रोत मुहैया कराए जाने की आशा है।
उपर्युक्ता केन्द्री जल एवं जल विज्ञान संबंधी चरम या भीषण स्थिति से निपटने हेतु आपातकालीन उपाय करने वाले अन्यय केन्द्रीदय एवं राज्यज संगठनों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्री य एवं अंतर्राष्ट्रीमय स्तयर के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग करेगा।

Wednesday, April 18, 2018

किसानों को विविधता अपनाने के साथ डेयरी, मुर्गी और मछली पालन जैसे कृषि से जुड़े कार्य करना चाहिए: नायडू


नई दिल्ली, 18 अप्रैल: उपराष्ट्रपति श्री एम. वैंकेया नायडू ने कहा कि कृषि क्षेत्र को टिकाऊ और लाभदायक बनाने के लिए इसमें नवाचार के तरीकों को शामिल किया जाना चाहिए। वे आज असम के जोरहाट में असम कृषि विश्वविद्यालय के एक वर्ष तक चलने वाले स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर असम के राज्यपाल श्री जगदीश मुखी, असम के कृषि मंत्री श्री अतुल बोरा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
   उपराष्ट्रपति ने कहा कि दलहनों और तिलहनों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना देश के समक्ष बड़ी चुनौती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे कृषकों के समर्पण और हमारी प्रयोगशालाओं में किए जा रहे नवीनतम अनुसंधानों से हम जल्द ही इन दो फसलों में भी आत्मनिर्भरता हासिल कर लेंगे।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्थायी खाद्य सुरक्षा के लिए देश को हमारे कृषि क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रभावी उपाय करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, गिरता मृदा स्वास्थ्य, कम होते जल संसाधन और लुप्तप्राय जैव-विविधता जैसी वर्तमान समस्याओं से कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य अधिक खर्चीला बनता जा रहा है और इसलिए लोग इससे दूर हो रहे हैं।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि पहले की तुलना में अब कम लोग कृषि करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अधिक कुशल, अभिप्रेरित व्यक्तियों और संस्थानों की आवश्यकता है, जो परंपरागत से हटकर सोचे और नवाचार को बढ़ावा दें।
    उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों और सरकारों से आग्रह किया कि वे किसानों को विविधता अपनाने और डेयरी, मुर्गी, मछली पालन जैसे कृषि से जुड़े कार्य करने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि केवल उत्पादन बढ़ाने से ही लोगों को कृषि क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र में डेयरी और मांस उत्पादों की काफी मांग है, जो पूरी नहीं हो पाती है इसलिए इस चुनौती को अवसर में बदलने की आवश्यकता है। खेतों में मेहनत करने वाले किसानों को ज्ञान, वित्तीय ऋण, गोदाम और बीमा सुविधाएं प्रदान कर सशक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें दोबारा सोचने और कृषि, शिक्षा तथा अनुसंधान को अधिक ऊर्जावान बनाने की आवश्यकता है।