Friday, October 12, 2012

तेरे शहर से तो मेरा गाँव अच्छा है ...Jagjeet Laller

 
बड़ा भोला बड़ा सादा बड़ा सच्चा है।
तेरे शहर से तो मेरा गाँव अच्छा है॥
वहां मैं मेरे बाप के नाम से जाना जाता हूँ।
और यहाँ मकान नंबर से पहचाना जाता हूँ॥
वहां फटे कपड़ो में भी तन को ढापा जाता है।
यहाँ खुले बदन पे टैटू छापा जाता है॥
यहाँ कोठी है बंगले है और कार है।
वहां परिवार है और संस्कार है॥
यहाँ चीखो की आवाजे दीवारों से टकराती है।
वहां दुसरो की सिसकिया भी सुनी जाती है॥
यहाँ शोर शराबे में मैं कही खो जाता हूँ।
वहां टूटी खटिया पर भी आराम से सो जाता हूँ॥
यहाँ रात को बहार निकलने में दहशत है...
मत समझो कम हमें की हम गाँव से आये है।
तेरे शहर के बाज़ार मेरे गाँव ने ही सजाये है॥
वह इज्जत में सर सूरज की तरह ढलते है।
चल आज हम उसी गाँव में चलते है.....
............. उसी गाँव में चलते
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Wednesday, October 10, 2012

Ratnawali 27 se.....Kurukshetra Ke Taja samachar 10 October 2012




कुवि में 27 से आरम्भ होगा हरियाणवी संस्कृति का महाकुम्भ
रत्नावली समारोह के लिये तिथी अनुसार कार्यक्रम घोषित
कुरुक्षेत्र/पवन सौंटी

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हरियाणवी संस्कृति के महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। इस बार रत्नावली का आयोजन 27 से 30 अक्तूबर तक होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर ने बताया कि रत्नावली 2012 के लिये तिथियों सहित कार्यक्रम निधारित कर दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि 27 अक्तूबर को कुवि आडिटोरियम में सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह होगा। इसके पश्चात हरियाणवी पॉप सोंग की प्रतियोगिता होगी। इसी मंच पर दोपहर बाद 2 बजे से एकांकी नाटकों का मंचन होगा। आरके सदन में सुबह साढ़े दस बजे से हरियाणवी भजन प्रतियोगिता होगी। इसी दिन ओपन एयर थियेटर में हरियाणवी स्किट व चुटकला प्रतियोगिता, सीनेट हाल में इसी समय हरियाणवी व्याख्यान प्रतियोगिता होगी व सांय 5 बजे खुले मंच पर प्रोफैसनल कलाकारों द्वारा सांग की प्रस्तुति होगी। 28 अक्तूबर को आडिटोरियम में सुबह 10 बजे हरियाणवी गज़ल होगी। इसी मंच पर दोपहर 12 बजे से हरियाणवी समूह नृत्य रसिया का आयोजन होगा व रात आठ बजे इसी मंच पर प्रोफैसनल कलाकारों द्वारा रागनी कम्पीटीशन प्रस्तुत की जाएगी। आरके सदन में सुबह दस बजे हरियाणवी महिला एकल नृत्य प्रतियोगिता व हरियाणवी एकल वाद्य प्रतियोगिता होगी। ओपन एयर थियेटर में इसी समय से हरियाणवी लोकगीत प्रतियोगिता होगी व दोपहर बाद 2 बजे पुरुष एकल नृत्य होगा। सीनेट हाल में सुबह 10 बजे हरियाणवी क्विज प्रतियोगिता होगी। दोपहर बाद 2 बजे खुले मंच पर विद्यार्थी कलाकारों द्वारा सांग की प्रतियोगिता होगी। इसी दिन क्रश हाल में दोपहर 2 बजे पुरातन हरियाणवी वस्तुओं की प्रदर्शनी होगी।
            29 अक्तूबर को आडिटोरियम में सुबह 10 बजे हरियाणवी लोक परिधान (महिला एवं पुरुष) प्रतियोगिता होगी। इसी मंच पर साढ़े 11 बजे चौपाल का आयोजन होगा। दोपहर बाद 2 बजे इसी मंच पर हरियाणवी आरकैस्ट्रा की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी व इसी मंच से सांय साढ़े पांच बजे सांगीत संध्या का आयोजन होगा। आरके सदन में सुबह दस बजे हरियाणवी समूहगान प्रतियोगिता होगी। ओपन एयर थियेटर में सुबह 10 बजे से विद्यर्थियों की रागनी प्रतियोगिता होगी व दोपहर बाद 2 बजे मोनो एक्टिंग प्रतियोगिता होगी। सीनेट हाल में सुबह 10 बजे हरियाणवी कविता प्रतियोगिता व दोपहर बाद 2 बजे हरियाणवी क्विज का फाईनल होगा। इसी दिन दोपहर बाद 2 बजे खुले मंच पर विद्यार्थी कलाकारों द्वारा सांग की प्रस्तुति होगी। क्रश हाल में सुबह 11 बजे ऑन दॉ स्पाट पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा व दोपहर बाद 2 बजे इन पेंटिंगों की प्रदर्शनी होगी। 30 अक्तूबर को आडिटोरियम में सुबह 10 बजे हरियाणवी समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन होगा व दोपहर बाद 2 बजे पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यअतिथि के सामने चुनिंदा कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

रेप की घटनाओं को लेकर छात्र संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
हरियाणा प्रदेश में रेप की घटनाएं, लड़कियों के साथ छेडख़ानी और पुलिस प्रशासन के रवैये के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय छात्र संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर रोष प्रकट किया। छात्र संघर्ष समिति के नेता (एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष शाहनवाज व एसओएसडी नेत्री कविता विद्रोही ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि  हरियाणा सरकार के ये बड़े-बड़े दावे खोखले हो गए हैं कि प्रदेश की जनता सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावों की हवा निकल चुकी है। आज प्रदेश में लगातार रेप की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। वहीं कमजोर, दलित व पिछड़ी जाति व गरीब लड़कियों के लिए सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। स्वीटी रेप से लेकर नरवाना, कैथल, घरौंडा, गोहाना में जिस तरह से आरोपियों पर देर से कार्रवाई की जा रही थी, कहीं न कहीं हरियाणा सरकार व पुलिस प्रशासन नाकाम रही है। छात्र संघर्ष समिति के नेता अमन सैनी व एसएफआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष प्रकाश, डीएएसएफआई के राज्य अध्यक्ष रविंद्र ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार व डीजीपी के ब्यान शर्मिंदा करने वाले हैं कि पिछले साल से ये आंकड़ें और अपराध में कमी आई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश बलात्कार करने वाला प्रदेश बन गया है। लड़कियां स्कूल व कॉलेज में जाने से डरने लगी हैं। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतों द्वारा हाल ही में लड़कियों की शादियां करने के लिए आयु कम करने का जो प्रस्ताव रखा है, छात्र संघर्ष समिति उसका कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा इसको लेकर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पूरे प्रदेशभर में अच्छा व बेहतर माहौल मिल सके तथा समाज को एकजुट होकर इसके खिलाफ लडऩा चाहिए। वहीं लड़कियों और महिलाओं को आगे आकर आवाज उठानी चाहिए ताकि बेहतर समाज व सुरक्षित वातावरण बन सके। प्रदर्शन में सीमा, हरजिंद्र कौर कोमल, चंद्रकांत, अमन, सपना, शिल्पी, मनदीप, गगन, ज्योति, टींकू, पूजा, मोनिका, मुकेश, नरेंद्र, धर्मेंद्र आदि शामिल थे।




प्रदेश सरकार महिलाओं के मान सम्मान की रक्षा करने में पूर्ण रुप से विफल : अशोक अरोड़ा
ब्राह्मण नेत्री साक्षी जोशी ने थामा इनेलो का दामन
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
ब्राह्मण नेत्री श्रीमति साक्षी जोशी ने इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के निवासस्थान पर जाकर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। अशोक अरोड़ा ने साक्षी जोशी का इनेलो में शामिल होने पर स्वागत करते हुए कहा कि उन जैसी कर्मठ और सुशिक्षित महिलाओं के पार्टी में शामिल होने से पार्टी और अधिक मजबूत होगी।
 उन्होंने कहा कि साक्षी जोशी को इनेलो में पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि श्रीमति साक्षी जोशी प्रसिद्ध कर्मकांडी ब्राह्मण तथा ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के वरिष्ठ उपप्रधान पंडित पवन शर्मा पौनी की सिमधन है। इस अवसर पर युवा इनेलो नेता नितिन भारद्वाज लाली, जिला प्रवक्ता रामपाल शर्मा तथा इनेलो नेता तूनखान भी उपस्थित थे। इन सभी ने ही साक्षी जोशी का इनेलो में शामिल होने पर स्वागत किया। साक्षी जोशी ने कहा कि वें इनेलो की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुई है। वें इनेलो प्रमुख चौधरी ओम प्रकाश चौटाला तथा प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा की कार्य प्रणाली से काफी प्रभावित है। वें लंबे समय से इनेलो में शामिल होने के बारे में विचार कर रही थी। उन्होंने कहा कि वें जनसेवा व समाजसेवा करने के उद्देश्य से इनेलो में शामिल हुई है। इनेलो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है और राजनीति करने के साथ-साथ जनसेवा का कार्य भी करती है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस राज में बढ़ती महंगाई की सबसे अधिक मार महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। महंगाई के कारण महिलाओं का चूल्हे-चौके का गणित बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में महिलाओं की इज्जत सुरक्षित नहीं है। सरकार बेशक कुछ भी दावा करे, लेकिन वास्तविकता यह है कि महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश में जंगलराज है। कानून व्यवस्था का दिवाला पिट चुका है। अरविंद केजरीवाल द्वारा डीएलएफ और हरियाणा सरकार के मध्य हुए गठजोड़ का खुलासा करने पर टिप्पणी करते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वें तो पिछले कईं वर्षों से कहते आ रहे है कि हरियाणा सरकार प्रॉपर्टी डीलरों की सरकार है। सरकार ने डीएलएफ के लिए एजेंट का काम किया। किसानों की जमीन सेज के नाम पर अधिग्रहण करके प्राइवेट बिल्डरों को दी। पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहंी है। अशोक अरोड़ा ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी द्वारा जींद जिला के सच्चाखेड़ा गांव के दौरे के दौरान हुड्डा सरकार को क्लीनचिट देने की कड़ी अलोचना करते हुए कहा कि बलात्कार की घटनाएं हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों में भी हो रही है। ऐसा कहकर सोनिया गांधी ने महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में हर वर्ग दुखी है। लोगों का इस सरकार से विश्वास उठ चुका है।


दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ आयोजित
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
श्रीमाता अंजनी सेवा मिशन के तत्वावधान में ब्रह्मसरोवर स्थित प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में मंगलवार देर शाम सुंदरकांड पाठ आयोजित किया गया। इस पाठ के आयोजक सोमनाथ कक्कड़ एडवोकेट परिवार ने सर्वदेव पूजन करके हनुमान जी को भोग लगाया। इस अवसर पर हरियाणा जेल मुख्यालय पंचकूला के मुख्य परिविक्षा अधिकारी हरीश रंगा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मंदिर के पीठाधीश पंडित प्रेम शर्मा ने पूजन संपन्न करवाकर सुंदरकांड पाठ आरंभ करवाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सुंदरकांड पाठ व्यक्ति के जीवन को सुंदर बनाता है। हनुमान जी के रोम-रोम में भगवान श्रीराम बसे हुए है। रामभक्तों के काज संवारने के लिए हनुमान जी हमेशा तत्पर रहते है। सोमनाथ कक्कड़ ने बताया कि नवरात्रों के उपलक्ष्य में समिति द्वारा सेक्टर-7 के शिव मंदिर में भगवती जागरण एवं भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहर की मशहूर मास्टर एकांत एंड पार्टी के गायक महामाई का गुणगान करेंगे। सुंदरकांड पाठ के पश्चात पंडित प्रेम शर्मा ने आयोजक एवं हरीश रंगा को हनुमान जी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। सुंदरकांड पाठ में भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती में करुणा कक्कड़, कार्तिक कक्कड़, मातृभूमि सेवा मिशन के संयोजक डा. श्रीप्रकाश मिश्र, एडवोकेट धर्मेंद्र चौधरी, दुर्गा प्रसाद कौशिक, श्याम सुंदर मुंजाल, पुजारी हिमांशु शर्मा, विष्णु दत्त शर्मा, विवेक भारद्वाज सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

श्रीरामलीला ड्रामाटिक क्लब का उद्घाटन
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
श्रीरामलीला ड्रामाटिक क्लब कुरुक्षेत्र द्वारा पुराना बस स्टैंड के समीप स्थित शहीद मदन लाल ढींगड़ा पार्क में मंगलवार रात्रि रामलीला का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक अशोक अरोड़ा ने रामलीला के मंच पर रीबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया। ड्रामाटिक क्लब के मुख्य निर्देशक हरबंस लाल शर्मा ने सदस्यों द्वारा सर्वदेव पूजन करवाया। इसके पश्चात लाडवा के युवा इनेलो नेता चौधरी नायब सिंह ने पर्दा उठाने की रस्म निभाई। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुशील राणा ने भगवान श्रीराम के चित्र का अनावरण किया। चार्टरर्ड एकांउटेंट ने ज्योति प्रचंड की और डा. अनुराग कौशल ने गणेश वंदना में भाग लिया। रामलीला देखने आए दर्शकों को संबोधित करते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा कि रामायण का प्रत्येक पात्र से हमे कुछ न कुछ अच्छा सीखने को मिलता है। आज रामायण जैसा आदर्श स्थापित किए जाने की आवश्यकता है, जिससे समाज में सुधार होगा। उन्होंने रामलीला के आयोजकों को बधाई देकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रामलीला शुभारंभ पर नारद मोह प्रसंग दर्शाया गया, जिसमें पवन धीमान ने इंद्र, कृष्ण लाल वधवा ने ऋषि भारद्वाज, मोनू गाबा ने नारद, सुरेश तनेजा ने शंकर और महेंद्र ठाकुर ने विष्णु का चरित्र प्रस्तुत किया। अयोजकों ने सभी अतिथियों का स्वागत करके स्मृति चिह्न प्रदान किया और सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर प्रधान विजय गाबा, चेयरमैन पवन मिगलानी, निर्देशक नंद लाल सोहल, उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, वाइस चेयरमैन पूर्णचंद हंबीरिया, पार्षद विवेक मैहता विक्की, दीपक सड़ाना, संगीत निदेशक मोहन तनेजा, महेश तनेजा, बृज लाल सोहन, जितेंद्र ललित, भारत तनेजा, सतीश शर्मा, अनिल पोपली, बॉबी अरोड़ा, राजेंद्र गाबा, धर्मचंद गांधी, विनोद गाबा, रमेश सड़ाना, कर्मचंद चुघ, अंकित शर्मा, अभिषेक गाबा, मुकेश अरोड़ा और रविंद्र धीमान मौजूद रहे।


जन्म दिन मुबारक 


हर्षित मुरादनगर



उपायुक्त ने किया अनाजमंडी का औचक निरीक्षण, मचा हडक़ंप
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
लाडवा अनाज मंडी में जिला उपायुक्त मनदीप ङ्क्षसह बराड़ ने बुधवार को अचानक मंडी का औचक निरीक्षण किया। जिला उपायुक्त के अचानक औचक निरीक्षण से मंडी में हडक़ंप मच गया। मंडी में पड़ी गंदगी व अव्यवस्था को देखकर जिला उपायुक्त ने न केवल मार्कीट कमेटी के अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई, बल्कि जल्द से जल्द मंडी में अव्यवस्था को दूर करने की बात कहीं। जिला उपायुक्त ने मंडी में किसानों व आढ़तियों की समस्याओं को भी सुना और मंडी में धान की बोरियों की लगी ढेरियों को तुरंत उठवाने के आदेश दिए, ताकि मंडी में जाम न लग सके और किसानों को कोई परेशानी न हो सके। उपायुक्त ने सभी एजैंसियों के अधिकारियों को समय से पहले धान की सरकारी खरीद शुरू करने की बात कहीं, ताकि किसानों को एक-एक दाने की खरीद हो सके। अचानक जिला उपायुक्त मनदीप ङ्क्षसह बराड़ द्वारा औचक निरीक्षण की सुचना मिलते ही खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर हुकम चंद, हैफैड के मैनेजर राजेंद्र गुप्ता सहित, मार्कीट कमेटी के सुपरवाइजर कर्म ङ्क्षसह सहित भारी संख्या में आढ़ती व किसान उपस्थित थे। 

किसानों को मिले धान पर 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस : भाकियू
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
भारतीय किसान यूनियन की मासिक बैठक बुधवार को किसान रेस्ट हाउस में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष अजीत ङ्क्षसह द्वारा की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं पर विचार-विर्मश किया गया। बैठक में भाकियू ने सरकार से हाइब्रिड बीज कंपनियों में हो रही मिलावटी बीज के कारण किसानों को धान में हुए नुकसान की भरपाई बीज कंपनियों से करवाने की मांग, बढ़ती महंगाई के चलते धान की फसल पर प्रति क्विंटल 500 रुपए बोनस देने, जीरी पर मशीन व झराई की मजदूरी अलग-अलग की बजाए एक काटने व बंदरों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान करने पर उनका समाधान आदि करवाने पर जोर दिया। बैठक में मेहर ङ्क्षसह जैनपुर, ओमबीर, मैनपाल बूढ़ा, राज पाल बपदा, मदन पाल, राजपाल, कर्म ङ्क्षसह, अजैब ङ्क्षसह, जोगिंद्र, प्रेम पाल, गुरमेल, रण ङ्क्षसह, बृज मोहन सहित भारी संख्या में किसानों ने भाग लिया।



स्वच्छता के सातों घटकों को अपनाकर गांवों को बना सकते हैं स्वच्छ : कटारियां
कुरुक्षेत्र/पवन सोंटी
लाडवा खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में भारत निर्मल अभियान के अंतर्गत बुधवार को एक दिवसीय स्वच्छता प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। 
स्वच्छता प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता प्रोजैक्ट अधिकारी भूषण पाल एवं कार्यकारी अभियंता पंचायती राज मोहनलाल मिगलानी द्वारा की गई। शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त सुमेधा कटारियां ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत कर स्वच्छता के बारे में जागरूक किया व स्वच्छता के सात घटक है उनको अपनाकर गांवों को स्वच्छ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के बिना जीवन अधूरा है। शिविर में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दिलबाग  हुड्डा व भूषण पाल व नीरज कुमार ने स्वच्छता के सातों घटकों के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर ब्लाक कोर्डीनेटर मोहन लाल सैनी व प्रवीण कुमार वर्मा ने ठोस व तरल कचरा प्रबंधन प्रोजैक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और गांवों में यह प्रोजैक्ट करने से गांव से गंदगी भी समाप्त होगी। इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दिलबाग ङ्क्षसह हुड्डा, एस.डी.ओ. लव कुमार, देवेंद्र बूढा सहित समस्त कनिष्ठ अभियंता, ग्राम सचिव व कार्यालय के अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों सहित खंड के सभी स्वच्छता दूतों ने भाग लिया।

Tuesday, October 9, 2012

Kurukshetra Latest news read here....



गैंगरेप की घटनाओं के विरोध में इनेलो महिला प्रकोष्ठ ने किया प्रदर्शन
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
हरियाणा में गैंगरेप की घटनाओं के विरोध में इनेलो महिला प्रकोष्ठ द्वारा नगर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला जलाया गया। जिलाभर से आई सैंकड़ों प्रदर्शनकारी महिलाएं महिला प्रकोष्ठ की जिला प्रधान बालेश राणा के नेतृत्व में जाट धर्मशाला से प्रदर्शन करतीं हुई। नगर के मुख्य बाजारों से होती हुई सीकरी चौक पर पहुंची जहां मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया तथा स्यापा पाया। 
प्रदर्शन में जिला परिषद् सदस्य कमलजीत कौर अजराना, थानेसर महिला प्रकोष्ठ की प्रधान सुरजीत और पिहोवा की प्रधान विनिता मलिक, शाहाबाद की प्रधान मेवा देवी अजराना, लाडवा हलका की प्रधान सुरजीत कौर, शहरी प्रधान कर्मजीत मिन्हास, गुरविंद्र कौर, कलावती सहित सैंकड़ों महिलाएं सरकार विरोधी नारे लगाती हुई सडक़ों पर उतरी और सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। महाराणा प्रताप चौक, शास्त्री मार्केट, नया बाजार से होती हुई यह प्रदर्शनकारी महिलाएं सीकरी चौक पर पहुंची जहां महिला प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बालेश राणा ने कहा कि आज प्रदेश में महिलाओं की इज्जत सुरक्षित नहंी है। एक महीने से भी कम की अवधि में गैंगरेप की एक दर्जन घटनाएं हो चुकी है। प्रदेश सरकार महिलाओं की रक्षा करने में पूर्ण रुप से विफल है। कांग्रेस सांसद व एससी, एसटी आयोग के चेयरमैन पीएल पूनिया ने हरियाणा को बलात्कारी प्रदेश की संज्ञा दी है जोकि बड़े शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश सरकार प्रतिदिन लंबे-चौड़े दावे करती है, लेकिन अगले दिन फिर बलात्कार की घटना हो जाती है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने जोरदार स्यापा करके मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।



खेल शिक्षा का अभिन्न अंग, खेलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : अशोक शर्मा
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं शुरू
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र

खेल शिक्षा का अभिन्न अंग है। बिना खेलकूद गतिविधियों के शिक्षा को अधूरा माना जाएगा। इसलिए बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर भी विशेष ध्यान देने की जरुरत है। यह बात समाजसेवी अशोक शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय द्रोणाचार्य स्टेडियम में प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं का उद्घाटन करने उपरांत बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूली विद्यार्थियों को खेलों में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित करने के अलावा इस प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं, जो एक सराहनीय कदम है। प्राथमिक स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे हमारे देश व प्रदेश का भविष्य हैं। इसलिए इन बच्चों को तैयार करने में शिक्षकों व प्रशिक्षकों को भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर थानेसर के खंड शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में थानेसर, लाडवा, बाबैन, शाहाबाद व पिहोवा के करीब 500 बच्चे भाग ले रहे हैं। इन प्रतियोगिताओं में कब्बड्डी, खो-खो, योगा, दौड़, कुश्ती, गीत, नृत्य आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये प्रतियोगिताएं शिक्षा विभाग के अंतर्गत करवाई जा रही हैं, जिनमें खंड थानेसर के शिक्षकों की डयूटी लगाई गई है। उदघाटन अवसर पर लाडवा के बीईओ बलजीत सिंह, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान विनोद चौहान, कार्यक्रम के प्रैस सचिव सूबे सिंह सुजान सहित सभी अध्यापकगण व भारी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

प्रदेश सरकार आरोपियों को पकडऩे की विपक्षी पार्टियों पर लगा रही है झूठे आरोप : अरोड़ा
कांगे्रसी नेता सतपाल के नेतृत्व में पाल गडरिया समाज के लोग इनेलो में शामिल
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
गांव किरमिच में पाल गडरिया समाज से संबंधित कांग्रेसी नेता सतपाल ने अपने समर्थकों सहित इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा की उपस्थिति में इनेलो में शामिल होने की घोषणा की। अशोक अरोड़ा ने सतपाल तथा उनके साथियों का पार्टी में शामिल होने पर स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पूरा मान सम्मान दिया जाएगा। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष  अशोक अरोड़ा ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में जंगल राज है।
 कानून व्यवस्था ठप्प हो चुकी है। प्रतिदिन महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटनाएं हो रही है। प्रदेश सरकार आरोपियों को पकडऩे की बजाय विपक्षी पार्टियों पर मिथ्या व झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि आज तो कांग्रेस के सांसद पीएल पूनिया जोकि अनुसूचित एवं आदिवासी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष है ने भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि हरियाणा बलात्कारी प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में थोड़ी भी नैतिकता है तो उन्हें तुरंत प्रभाव से अपने पद से त्याग पत्र देना चाहिए। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेसी देश की संपत्ति को दोनों हाथों से लूटने में लगे है। सोनिया गांधी के दामाद पर अरविंद केजरीवाल द्वारा भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए गए है उनकी सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खुदरा व्यापार में एफडीआई की अनुमति देकर सरकार ने करोड़ों छोटे दुकानदारों को उजाडऩे का काम किया है। प्रदेश में इनेलो की सरकार आने पर एफडीआई लागू नहीं किया जाएगा। अशोक अरोड़ा ने लोगों से अपील की कि वें इनेलो के झंडे के नीचे इकट्ठा हो जाए और आने वाले चुनाव में इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व में इनेलो की सरकार बनाए।  इस अवसर पर इनेलो हलका प्रधान ओम प्रकाश हथीरा, जिला परिषद् के सदस्य चंद्रभान बाल्मीकि, प्रीतम सिंह, सूबे सिंह, बोहती देवी, कृष्णा देवी सहित अनेक इनेलो नेताओं ने भी पार्टी में शामिल होने पर सतपाल व उनके समर्थकों का भव्य स्वागत किया।


कथा में सुनाया वाराह अवतार प्रसंग
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
श्रीमद्पितरमोचनी भागवत कथा के 9वें दिन कथाव्यास महामंडलेश्वर डा. शाश्वतानंद गिरि ने भागवत के दस लक्षण, ब्रह्मा जी की उत्पत्ति एवं सृष्टि का विस्तार, वाराह अवतार, विष्णु द्वारपाल जय-विजय को सनकादि का श्राप, हिरण्यकशिपु और हिरण्याक्ष का जन्म, देवहुति के साथ कर्दम प्रजापति का विवाह प्रसंगो के साथ सति अनुसूइया की तपस्या और उनके प्रताप से ब्रह्मा विष्णु महेश को शिशु बनाना उपकथा सुनाई। कथा के यजमान बलवंत राय गोयल व डा. विजय भारद्वाज ने सर्वदेव और पितृ पूजन करवाया। दोपहर व सायं को हुए भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद किया। कथा प्रवचनों में शाश्तानंद ने कहा कि जब सनकादिक ऋषियों ने बैकुंठ धाम के द्वारपालों जय और विजय को तीन-तीन जन्म होने तक राक्षस होने का श्राप देकर भगवान विष्णु के हाथों मृत्यु होकर उद्धार का उपाय बताया। सतयुग में भगवान ने हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु का उद्धार करने के लिए वाराह और नरसिंह का अवतार लिया। त्रेता युग में यही जय-विजय राणव और कुंभकरण बन कर आए जो श्रीराम के हाथों मृत्यु को प्राप्त हुए। द्वापर युग में कंस और शिशुपाल बने तो श्रीकृष्ण के हाथों इनका उद्धार हुआ। इस तरह तीन जन्मों के पश्चात जय-विजय पुन: बैकुंठ धाम में भगवान विष्णु के पार्षद के रुप में लौट आए। कथा के दौरान सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा की आरती में सत्यानंद महाराज, सत्यप्रेम जिज्ञासु, कमल भारद्वाज, हरिद्वार से निधिश तिवारी, अवधेश कुमार, ज्ञान सिंह, सुदामा, मधु शर्मा, सावित्री, निर्मल देवी और सुदेश गोयल ने भाग लिया।


कांगे्रस ने हमेशा लूटने का काम किया : कृष्णपाल गुज्जर
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष कृष्णपाल गुज्जर ने कहा कि आजादी से पहले अंगे्रजों ने भारत देश को इतना लूटने का काम नहीं किया, जितना कांगे्रस ने कॉमनवैल्थ, 2जी घोटाला व कोयला घोटाले के दौरान देश को लूटने का काम कर रही है। वे कांगे्रस की सरकार तथा घोटालों, भ्रष्टाचार व मंहगाई के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी व हजकां गठबंधन के नेताओं ने कांगे्रस हटाओ, देश बचाओ का नारा देते हुए जन-जागरण अभियान गांव भुस्थला, इस्माईलाबाद, हरिगढ़ भौरख, थाना व संधौली में जनसभाओं को सम्बोधित करने के बाद पिहोवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि  कांगे्रस सरकार मंहगाई, भ्रष्टाचार व घोटालों का पर्याय बन चुकी है। कांगे्रस की गलत नीतियों के कारण मंहगाई चरम पर है। पूर्व विधायक कंवर पाल गुज्जर ने कांगे्रस तथा इनेलो का सूपड़ा साफ करने के लिए जनता का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में भाजपा-हजकां गठबंधन को अपना सहयोग दें। प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भारत भूषण भारती ने उत्तरी हरियाणा के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये पर कांगे्रस की आलोचना की। गठबंधन के नेताओं ने एफडीआई का विरोध करते हुए कहा कि इससे देश गुलामी की ओर बढ़ रहा है। कांगे्रस के नेताओं का काला धन भारतीय व्यापार पर लगाया जाएगा, जिस कारण छोटे दुकानदार तबाह हो जाएंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी रामधारी शर्मा ने जनसभाओं में मिले जनसमर्थन के लिए कार्यकत्र्ताओं व जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि इसी प्रकार से आने वाले चुनाव में हजकां-भाजपा गठबंधन की सरकार लाने में अपना सहयोग करते रहें। इस अवसर पर हजकां व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद बंसल, गुरनाम मलिक एडवोकेट, प्रशांत शर्मा, ईश्वर शर्मा, धुम्मन सिंह किरमच सहित कई अन्य नेताओं ने भी सभा को सम्बोधित किया। इसके अलावा बलबीर गुज्जर, युधिष्ठर बहल, श्रीमती कुलविंद्र कौर काजल, देशराज शर्मा, शिव कुमार सहित कई अन्य नेतागण मौजूद थे।


प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा व ठहराव का हो उचित प्रबंध: वत्तरा
सीनियर सिटीजन को अस्पताल में मिले सभी सुविधाएं, जिले में 26 नए लीगल क्लीनिक खुलेंगे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व प्रशासन की संयुक्त बैठक संपन्न
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्तरा ने कहा कि प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा व ठहरने के उचित प्रबंध किए जाने चाहिए और  सीनियर सिटीजन लोगों को अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए। वे आज देर सायं जिला कोर्ट परिसर में अपने कार्यालय में जिला प्राधिकरण के पदाधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा आम जन के लिए लागू की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। समय-समय पर विशेष ग्रामीण लोक अदालतों में अलग-अलग योजनाओं केे बारे में विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे है।  ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को लीगल एड क्लीनिक का फायदा देने के लिए 26 नये एड क्लीनिक खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर रविवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियरज़ सायं 3 बजे से लेकर 6 बजे तक लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, पीएचसी, चौपालों, पंचायत घरों आदि में इस प्रकार की लीगल एड क्लीनिक बनाने के लिए प्रशासन को जगह व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रयास करना चाहिए। जिला प्रशासन को सरकार की युनिक आईडेंटीफीकेशन कार्ड स्कीम के बारे में लोगों को जागरुक करना चाहिए। उन्होंने शैल्टर होम के पंजीकरण और सुविधा सम्बंधी योजनाओं, सीनियर सिटिजन लोगों के लिए बनाए गए ओल्डएज होम, बच्चों के लिए बनाए गए होम आदि के बारे में विस्तृत चर्चा करने के बाद कहा कि  शैल्टर होम व ओल्डएज होम का समय-समय पर निरीक्षण करना चाहिए और मूल्यांकन करना चाहिए कि सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुसार काम किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने सिविल सर्जन से वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क दवाईयां व चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि घर से भाग कर अदालतों का सहारा लेने वाले प्रेमी जोड़ों के रहने की व्यवस्था पर पुलिस प्रशासन को ध्यान देना होगा। एक समय में कम से कम दो प्रेमी जोड़ों के ठहरने की नियमानुसार व्यवस्था करनी होगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्रा ने कहा कि डीडीपीओ और डीडीपीओ को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों का प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक सहयोग करना चाहिए। जिला उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने कहा कि प्रशासन विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविरों व एड क्लीनिक के लिए शुरू से ही अधिक से अधिक सहायता कर रहा है। उपायुक्त ने स्कूलों में लीगल एड क्लीनिक चलाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में सहायता के लिए डीडीपीओ को नियमानुसार प्रबंध करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के शिविरों में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वोटर अभियान का प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक वोट बनाने के लिए लोगों को खासकर महिलाओं को प्रेरित करना चाहिए। पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने प्रेमी जोड़ों को आश्रय देने के लिए पुलिस लाईन में पुख्ता प्रबंध किए हैं। जरुरत पडऩे पर जिमखाना क्लब में भी नियमानुसार प्रबंध किए जा सकते हैं। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, डी.डी.ए .हरप्रीत सिंह, सी.एम.ओ.डा. वंदना भाटिया, जिला सूचना एवं जन सपंर्क अधिकारी देव राज सिरोहीवाल, ए.पी.आर.ओ.नरेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश मदान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य आदि अधिकारी मौजूद थे।

दमदार नाट्य प्रस्तुति के कायल हुए दर्शक
जी... जैसी आपकी मर्जी नाटक ने महिलाओं की स्थिति को किया ब्यां
चार महिला पात्रों के माध्यम से डा. विकास कपूर ने मंच पर पेश किया नारी जीवन का कड़वा सच
9 अक्टूबर, कुरुक्षेत्र
मल्टी आर्ट कल्चरल सैंटर में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से चल रहे चार दिवसीय राजस्थान थियेटर फेस्टीवल के तीसरे दिन समाज में महिलाओं की स्थिति पर आधारित नाटक जी... जैसी आप की मर्जी ... का मंचन किया गया। नादिरा जहीर बब्बर द्वारा लिखे गए एवं डा. विकास कपूर के निर्देशन में तैयार इस नाटक ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। जहां नाटक की विषय वस्तु इतनी गंभीर थी वहीं चारों महिला पात्रों का अभिनय भी दमदार था। इस नाटक की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे नाटक के दौरान मैक के ओपन एयर थियेटर में इतनी खामोशी थी कि सैंकड़ों दर्शकों के होने के बावजूद सन्नाटा सा पसरा हुआ था। दर्शकों ने नाटक इतनी तल्लीनता के साथ देखा कि दर्शकों की आंखे कब नम हुई पता ही न चला।
जी.. जैसी आपकी मर्जी...।
नाटक जी.. जैसी आप की मर्जी ने मूलत: चार नारी पात्रों के जीवन-संघर्ष को मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। चारों भारतीय नारियां  आयु, पृष्ठभूमि, भाषा, रहन-सहन में एक दूसरे से नितांत भिन्न होते हुए भी एक स्तर पर एक सम्मान थीं। चाहे मुद्दा लिंग-भेद का हो या रूढिवादी परम्पराओं का का या आर्थिक स्वतंत्रता का, भारत में सदा ही महिलाओं के लिए दोहरे मापदंड अपनाये जाते रहे हैं। कभी धर्म की आड़ में , कभी राजनीतिक तो कभी सामाजिक विवशताओं के हवाले से आज के समाज में भी स्त्री की निजता, उसकी अपनी पसंद-ना पसंद अभी भी दूर से दिखने वाला एक सपना  सा ही है। आज भी कमोबेश हर नारी को यदि अपने जीवन में शांति बनाए रखनी है औश्र स्वयं को तकलीफों व परेशानियों से दूर रखना है तो उसे अपने जीवन के पुरुष वर्ग से यह कहना पड़ता है कि -जी.. जैसी आपकी मर्जी...।
इन्होंने दिखाई अनोखी अदा
रूचिका शर्मा, पद्ममिनी गौड़ तथा मृणालिनी, पंकज सिंह तंवर, मोहम्मद इमरान, राजकुमार चौहान व मनोहर सिंह ने निभाई जब कि मंच परे इरा सिसोदिया, अंकित दीक्षित, मोहम्मद सफी, प्रवीण कुमार झा ने सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत  में दर्शकों के बीच से उठ कर आई एक लडक़ी शिवांजलि, जो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग की छात्रा थी, ने सभी कलाकारों को एक-एक पुष्प तथा नाटक के निर्देशक को एक स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार प्रकट किया।


मुख्यमंत्री 36 बिरादरी के नेता : गुप्ता
लाडवा/बलबीर

पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा 36 बिरादरी के नेता है और 36 बिरादरी के युवाओं को रोजगार दे रहे है। उन्होंने कहा कि लाडवा हलके के युवाओं को भी नौकरियों में बराबर की भागेदारी मिली है, विपक्षी दल युवाओं को बहकाकर झूठी व स्वार्थ की राजनीति करने में लगे हुए है। रमेश गुप्ता मंगलवार को मंडी कार्यालय में कार्यकत्र्ताओं की समस्या सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग खुशहाल है। उन्होंने कहा कि न केवल किसानों को धान तैयार करने के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध करवाई, बल्कि मंडियों में किसानों को धान की फसल के उचित दाम भी मिल रहे है, जिससे प्रदेश का किसान खुशहाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि नौकरियों में मुख्यमंत्री ने 36 बिरादरी के युवाओं को नौकरियां देकर साबित कर दिया है यदि 36 बिरादरी की कोई पार्टी है तो वह केवल कांग्रेस पाटी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनता को बहकाने का काम कर रहे है, लेकिन जनता इनके चंगुल में फंसने वाली नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ मार्कीट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष तरसेम बकाली, जिला महासचिव गुरमेल ङ्क्षसह धनौरा, कपिल  गर्ग, राम करण जैनपुर, दर्शन लाल खंडवाल, राम स्वरूप सैनी, करेशन हलाल पुर, सरपंच नसीब ङ्क्षसह लौहारा, श्याम लाल नंबरदार, सोहन बड़ौदा, श्याम लाल अत्री, सोम नाथ शर्मा, रिंकू मथाना, विक्रम बड़ौदा, पवन बड़ौदा, आज्ञा राम शर्मा हरि पूर, डा. अनिल गोयल सहित भारी संख्या में कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।   

सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती : आचार्य
लाडवा/बलबीर
लाडवा खंड के गांव मुरादनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन की संगीतमय कथा का सुनाते हुए कथावाचक आचार्य प्रदीप कृष्ण जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में श्री कृष्ण ने कहा था कि यदि कोई पापी भी सच्चे मन, ह्रदय से भक्ति करे तो शीघ्र ही वह निष्पाप हो जाता है। उसके पाप दूर हो जाते है। विपदाएं, बलाएं सदैव उससे दूर हो जाती है। उसका मन भक्ति के गंगाजल से धूल कर स्वच्छ, शीतल हो जाता है, लेकिन भक्ति सच्ची एवं हार्दिक हो, अनन्य हो, दिखावे व छल की न हो। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता में उपदेश देते हुए कहा था कि भक्ति करने वाला शीघ्र ही धर्मात्मा हो जाता है और सदैव रहने वाली शांति को पा लेता है। उन्होंने कहा कि भगवान जिसे सच्चे मन से प्यार करते है उसे अग्नि परीक्षाओं से गुजरना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि मन को विचलित किए बिना भगवान की भक्ति किए जा भगवान उसका फल स्वयं दे देगा। कथा में भगवान श्री कृष्ण जी की सुंदर-सुंदर झांकियों ने सबका मन मोह लिया। कथा में भारी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर कथा का आनंद उठाया।

बाजीगर समाज के लोगों ने थामा इनैलो का दामन
लाडवा/बलबीर
इंडियन नैशनल लोकदल पार्टी के वरिष्ठ कार्यकत्र्ता जगदीश लाल बाजीगर ने मंगलवार को मथाना चौकी पर बाजीगर समाज की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाजीगर समाज के दर्जनों लोगों ने इनैलो पार्टी की नीतियों में आस्था प्रकट करते हुए पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। बैठक को संबोधित करते हुए जगदीश बाजीगर ने कहा कि हलके के विधायक शेर ङ्क्षसह बड़शामी हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चल रहे है और हर वर्ग के लोगों को सम्मान देने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि यदि इस भ्रष्ट व घपलों व घोटालों की सरकार से मुक्ति पाना है तो इनैलो पार्टी में शामिल होकर पार्टी के संगठन को मजबूत करना ही होगा, तभी इस सरकार से छुटकारा पाया जा सकता है। इस अवसर पर हरवंश लाल, ज्ञान चंद, कश्मीरी लाल, रोशन लाल, हरी राम, सीता राम, काला राम, खजान चंद, साधू राम, तेज पाल, राम पाल, मोहन लाल, मनीष देवराज, सोहन लाल, जोगिंद्र, सुखदेव, बलदेव, जसपाल, कृष्ण लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।


गांव छपरा में 11 से रामलीला शुरू
लाडवा/बलबीर
लाडवा खंड के गांव छपरा में सरस्वती रामलीला क्लब की तरफ से 11 अक्तूबर दिन बृहस्पतिवार से गांव में प्रभु राम की लीला का मंचन किया जाएगा। यह जानकारी क्लब के प्रधान विजय सैनी ने दी। उन्होंने बताया कि रामलीला का शुभारंभ ग्राम पंचायत प्रधान रूप राम सैनी के करकमलों द्वारा किया जाएगा। 

Friday, October 5, 2012

Kurukshetra dairy 5th October 2012 Taja Samachar



शिक्षा जगत में अव्वल आने वाली छात्राओं को सी.एम. आज करेंगे सम्मानित
सी.एम. आज कुरुक्षेत्र में रखेंगे कंबोज व गोस्वामी समाज की धर्मशाला की नींव, प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
कुरुक्षेत्र/पवन सौंटी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शनिवार को कुरुक्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल स्थान हासिल करने वाली ग्रामीण आंचल की छात्राओं को सम्मानित करेंगे। इसको अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कंबोज व गोस्वामी समाज की धर्मशाला की नींव का पत्थर भी रखेंगे। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इतंजाम पूरे कर लिए है। उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 6 अक्तूबर को सुबह सबसे पहले लोहार माजरा गांव में श्री सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम गल्र्ज कालेज में दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पंजाबी धर्मशाला के पीछे कम्बोज समाज व गोस्वामी समाज की धर्मशाला की आधारशिला रखेंगे।

लोगों की समस्याओं को दूर कर मिलती है मन को संतुष्टि : चट्ठा
वित्त मंत्री ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए समाधान करने के निर्देश,
पिहोवा
वित्त एवं सिंचाई मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने कहा कि हलका के लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के बाद ही मन को संतुष्टि होती है। लोगों की सार्वजनिक समस्याओं का शीघ्र अतिशीघ्र निवारण किया जा रहा है। वे आज स्थानीय किसान विश्राम गृह में लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि हलका पिहोवा के लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए अधिकतम समय हलका में बिताया करेंगे। हलका में चल रहे विकास कार्यो का समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि हलका में चल रहे विकास कार्यो की गुणवता की तरफ ज्यादा ध्यान दिया जाए। इस मामलेे पर जरा सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए सुबह के समय अपने-अपने कार्यालयों में बैठेंगे। अधिकारियों  की गैरहाजिरी में ही लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर इधर-उधर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हलका पिहोवा केे हर गांव में विकास कार्य चल रहे है। गांव के लोगों और सरपंचों को भी खड़े होकर निर्माण कार्यो पर नजर रखनी चाहिए। कांग्रेस के शहरी ब्लाक प्रधान राकेश वधवार ने कहा कि वित्तमंत्री हलका पिहोवा में सप्ताह के अंतिम तीन-चार दिन लोगों की समस्याओं का मौके पर निवारण करेंगे। इस मौके पर वित्तमंत्री के निजी सचिव मनोहर लाल, चेयरमैन सुखवीर ग्रेवाल, कशमीर सिंह गुमथला, यशपाल कलसा आदि मौजूद थे।





अपराधों के कारण विश्व में हरियाणा को दलित उत्पीडऩ के नाम से जाना जाने लगा : संधू
पिहोवा
प्रदेश में आए दिन घट रही गैंगरेप की घटनाओं विशेषकर दलित महिलाओं व पिछड़े वर्ग के साथ बढ़ रहे अपराधों के कारण विश्व में हरियाणा प्रदेश को दलित उत्पीडऩ के नाम से जाना जाने लगा है। हरियाणा प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है और राज्य में पूरी तरह से जंगलराज है। इनेलो प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व कृषि मत्री जसविन्द्र सिंह संधू ने गाँव ककराला गुजरांन में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं व बच्चियों के साथ लगातार समूहिक बलात्कार की घटनाओं ने प्रदेश को शर्मशार कर दिया है उन्होंने कहा कि रोहतक, गोहाना, जींद, तोशाम, बेलरखा, हिसार, पिल्लुखेड़ा ,यमुनानगर सहित करीब एक दर्जन बलात्कार व गैंगरेप की शर्मनाक घटनाएं ज्यादातर नाबालिग बच्चियों,पिछड़े एवं दलित वर्ग की महिलाओं और समाज के शोषित वर्ग के साथ घटी हैं। संधू ने कहा कि उस सरकार से क्या आशा की जा सकती है, खुद जिसका गृह मंत्री अपनी ही कम्पनी की एक महिला कर्मचारी,जिसने महिलाओं के प्रति उसके व्यवहार के खिलाफ  आवाज उठाई थी, क ो आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोप में सलाखों के पीछे बंद है। संधू ने कहा कि आज समय है आत्म सम्मान के लिए अपनी रक्षा खुद करने के लिए संगठित होकर आवाज़ उठाने का,यानि पुलिस तब तक मामला दर्ज नहीं करती जब तक पीडि़त परिवार के साथ आम आदमी खडा होकर पुलिस पर दबाव नहीं डालता।  इस मौके पर वरिष्ठ नेता  बलदेव सिंह वडैच,जगदीश राठी,हलका प्रधान कुलदीप सिंह मुलतानी,जिला प्रधान महासचिव सुरेश नैन, जिला युवा प्रधान कुलदीप जखवाला, वरिष्ठ नेता बलजीत सिंह गैटटी, वरिष्ट नेता बलविन्द्र टकोरन,दरिया सिंह, प्रैस प्रवक्ता महिंद्र कंथला सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

व्यक्ति में सफल प्राध्यापक बनने के बताए गुण
विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता देने वाले अध्यापक को सभी पसंद करते हैं : सी. स्मिथ
कुरुक्षेत्र/पवन सौंटी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूजीसी एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में नवनियुक्त प्राध्यापकों के लिए आयोजित एक सप्ताह के प्रोग्राम में कुवि अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्षा प्रोफेसर नीरा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए कि  कैसे एक व्यक्ति में सफल प्राध्यापक बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए। जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, यूएसए के प्रोफेसर स्टीफन सी. स्मिथ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि अध्यापक ईमानदारी से पढ़ाए, विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता दें और उनका जबाव भी ईमानदारी से दें तो ऐसे अध्यापक को सभी पसंद करते हैं। वे विश्वविद्यालय में तीन महीने के लिए आए हुए हैं। सांय के सत्र मे भूतपूर्व कुलसचिव व इतिहास के प्रोफेसर राघवेेंद्र तंवर ने प्रतिभागियों से अपने विचार सांझा किए। उनका यह मानना है कि यह एक बड़ा सम्मान वाला पद है और इसकी गरिमा बनाए रखना अति आवश्यक है। अध्यापक व विद्यार्थियों में एक दूरी भी  बनाए रखना जरूरी है तभी रिश्ते अच्छे ढंग से चलते है। वैसे एक अध्यापक को कभी पिता, कभी भाई व कभी दोस्त की भूमिका निभानी पड़ती है। वह एक सच्चा मार्गदर्शक होता है। समाज व राष्ट्रनिर्माण में अध्यापक की भूमिका बड़ी अहम होती है। प्रोफेसर तंवर का एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में आने पर निदेशक डॉ. शशि आनंद ने धन्यवाद किया। मंच का संचालन डॉ. सुचेता ने किया। इस समय पर प्रोफेसर आर.पी. ग्रोवर भी उपस्थित थे। नवनियुक्त प्राध्यापकों के लिए किए गए इस आयोजन का सारा श्रेय कुवि के कुलपति  ले. जनरल डॉ. डी.डी.एस.संधू को जाता है। इसी प्रकार जो प्राध्यापक कान्टे्रक्ट पर लगे हैं उनके लिए भी दो-दो दिन का कार्यक्रम आगामी 17 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2012 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 250 प्राध्यापक भाग लेंगे। ऐसा आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब यू.जी.सी. एकेडमिक कॉलेज स्टाफ ने यह कदम उठाया है। इस प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है और नवनियुक्त प्राध्यापक भी प्रसन्न है कि उन्हें नई तकनीक व ज्ञान मिल रहा है।

एम.कॉम फाईनल का परीक्षा परिणाम घोषित
कुरुक्षेत्र/पवन सौंटी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिंह ने बताया कि मई 2012 में आयोजित एम.कॉम फाईनल में 1058  में से 489 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है। उपरोक्त परीक्षाओं  का परिणाम विश्वविद्यालय के वैबसाइट रिजल्ट डाट केयूकेडाट एसी डाट इन पर भी उपलब्ध है।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में छाए कुवि के छात्र
कुरुक्षेत्र/पवन सौंटी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यानय के छात्रों ने जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा दयानंद महाविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम चार में से तीन स्थान जीतकर अपने विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। छात्रों में लोकतंत्र एवं चुनावी प्रक्रिया की महत्ता विषय पर जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में 25 टीमों ने भाग लिया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम आशीष लारोइया एवं उमंग गोस्वामी शामिल थे। द्वितीय स्थान सुमित शर्मा एवं देवांशी तिवारी ने प्राप्त किया। इसी प्रतियोगिता में कपिल कुमार एवं पूजा चौहान ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। गहन चयन प्रतियोगिता द्वारा चयनित इन विद्यार्थियों ने अनेक प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कुलपति लै. जनरल डा. डीडीएस संधू, डा. अनिल वशिष्ठ, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डा. तेजेन्द्र शर्मा एवं प्रोफेसर मंजूषा शर्मा एवं डा. वनिता ढीगड़ा ने विजयी छात्रों को बधाई दी।

Tuesday, September 25, 2012

सिद्धांतों के धनी चौ. देवी लाल....................


ताऊ देवी लाल जयंति पर विशेष:

प्रो. हवा सिंह
पूर्व कुलसचिव कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र
भारत देश की राजनीति में आज सैद्धांतिक उथल पुथल महसूस की जा रही है। राजनैतिक पार्टियों के नेता सिद्धांतों की राजनीति से परे होते दिखाई दे रहे हैं। इन परिस्थितियों में देश के सामने सैद्धांतिक राजेता के रूप में मजबूत उदाहरण हैं स्व. चौ. देवी लाल। चौ. साहब ने ताउम्र सिद्धांतो की राजनीति की। 6 दशक से लम्बे राजनैतिक जीवन में चौ. देवी लाल ने कभी भी सिद्धांतो से समझौता नहीं किया। आजादी की लड़ाई से शुरु हुआ उनका संघर्ष आजादी के बाद भी निरंतर चलता रहा। चौ. साहब बेशक सत्ता में कम समय रहे, लेकिन अपने सिद्धांतों की बदौलत सत्ता की धूरी सदा बने रहे।
            अगर चौ. देवी लाल की राजनैतिक शुरुआत की बात की जाए तो उन्होंने देश की गुलामी के दौर में अपने संघर्ष को आरम्भ किया। उन्होंने छोटी उम्र में ही लाहौर के कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया व आजादी की लड़ाई में अपनी भागीदारी आरम्भ की। यह वो दौर था जब देश एक ओर तो विदेशी ताकतों के चंगुल में राजनैतिक गुलामी से जूझ रहा था तो दूसरी ओर देश का आम आदमी आर्थिक व सामाजिक आजादी के लिय झटपटा रहा था। चौ. साहब ने आम आदमी की उस पीड़ा को समझा और राजनैतिक आजादी के साथ आम आदमी की आर्थिक व सामाजिक आजादी की लड़ाई भी आरम्भ की। वह दौर ऐसा था जब छोटे जमीदार और मजदूर साहुकारों व बड़े भू स्वामियों के हाथों शोषित हो रहे थे। चौ. साहब ने उस दौर में अपने खेत पर काम करने वाले मुजारों व मजदूरों को जमीन हिस्सा दिया। उन्होंने गांवों में प्रभात फेरियां निकाल कर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जन जागरण आरम्भ किया तो आम आदमी की लड़ाई भी समानांतर जारी रखी। उनका विश्ववास था कि अंग्रेज इस देश को तब तक नहीं छोड़ कर जा सकते जब तक आम जनता विरोध में खड़ी नहीं होती। इसी विचारधारा को लेकर उन्होंने जमीनी स्तर तक जनता को जागरूक किया।
            देश को आजादी मिली तो चौ. देवी लाल का वास्तविक संघर्ष शुरु किया। उन्होंने आजादी के बाद महात्मा गांधी के ग्रामीण स्वराज के सपने को पूरा करने की मुहिम को आगे बढ़ाया। उनका विश्वास था कि देश की आजादी तभी सम्पूर्ण मानी जाऐगी जब गांव के आम आदमी तक उसका लाभ पहुंचेगा। समाज के नीचले स्तर तक के आदमी का जीवन स्तर उपर उठे और उसकी राजनैतिक हिस्सेदारी बढ़े। जब तक उनको अपने उत्पाद का उचित मूल्य व अपनी मेहनत का उचित मेहनताना न मिले तब तक आजादी अपने आप में अधूरी मानी जाऐगी। चौ. साहब ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सक्रिय राजनीति के माध्यम से संघर्ष आरम्भ किया। संयुक्त पंजाब में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीत कर जब वह विधानसभा पहुंचे तो उन्होंने अपने विचारों को कार्यरूप देना आरम्भ किया। उस समय उन्होंने संयुक्त पंजाब के दक्षिण- पूर्वी भाग के पिछड़ेपन व गांवों की अपेक्षा शहरों के विकास पर अधिक ध्यान देने के मुद्दों को मजबूती के साथ विधानसभा में उठाया। उस समय सरकारी बजट का अधिकतर भाग न तो गावों के विकास पर खर्च किया जा रहा था और न ही पंजाब के इस हिस्से पर खर्च हो रहा था। इस क्षेत्रवाद  के खिलाफ चौ. देवी लाल ने आवाज को बुलंद किया। उन्होंने इन मुद्दों को लेकर  विधानसभा में एक दबाव समूह बनाया व तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज बुलंद की। इसका प्रभाव यह हुआ कि प्रताप सिंह कैरों संयुक्त पंजाब के मुख्यमंत्री बने। चौ. साहब की सोच थी कि कैरों गांव की पृष्ठ भूमि से संबंध रखते हैं और वह गांवों की ओर विशेष ध्यान देेंगे। कैरों ने चौ. साहब की सोच के अनुरूप ग्रामीण विकास पर तो ध्यान दिया, लेकिन उन्होंने दक्षिण- पूर्वी पंजाब, जो आज का हरियाणा है, की अनदेखी आरम्भ कर दी। इस अनदेखी व ग्रामीण विकास में कोताही को लेकर चौ. साहब ने आवाज बुलंद की जिसका परिणाम यह रहा कि कैरों को भी गद्दी खोनी पड़ी। चौ. साहब को जब लगा कि कांग्रेस के इस तंत्र में वह ग्रामीण विकास व आम आदमी के सामाजिक व आर्थिव समानता के कार्य को पूर्ण नहीं कर सकते तो उन्होंने कांग्रेस को ही अलविदा कह दिया।
            इसके साथ ही चौ. देवी लाल के संघर्षों में और इजा$फा हो गया। अब उनका उदे्श्य था नए सिरे से एक ऐसा संगठन खड़ा करना जो कि उनके सैद्धांतिक संघर्ष में कंधे से कंधा मिला कर उनका साथ दे सके। इस दौर में जहां चौ. साहब पंजाब के उपेक्षित भाग को अधिकार दिलवाने की लड़ाई लड़ रहे थे तो वहीं समान विचारधारा के लोगों को भी संगठित करते रहे। उनके संघर्षों का प्रतिफल यह रहा कि 1 नवम्बर 1966 को हरियाणा एक पृथक राज्य के रूप में देश के नक्शे पर उभर आया। अपने ग्रामीण विकास व आम आदमी को सामाजिक  व आर्थिक विकास के लिये उन्होंने अपनी लड़ाई को जारी रखा व विभिन्न समयों पर कई राजनैतिक दलों को खड़ा किया। देर सवेर सत्ता के लालची लोग उनको धोखा देकर साथ छोड़ते रहे, लेकिन चौ. साहब ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने संकट की हर घड़ी में नई उर्जा के साथ अपने रास्ते तलाशे। जब देश मेें संवैधानिक व राजनैतिक संकट खड़ा हुआ तो उन्होंने अपनी लड़ाई को और बुलंद किया। परिणाम यह हुआ कि जिस आदमी ने देश की आजादी के लिये अंग्रेजों की जेल काटी उसको स्वतंत्र भारत की सरकार ने भी आपातकाल के दौरान जेल भेज दिया। तत्कालीन सरकार का यह प्रयास तो इस लिये था कि चौ. देवी लाल टूट जाऐंगे, लेकिन इस जेल यात्रा ने उनको नई उर्जा दे दी। जेल प्रवास के दौरान उनका सम्पर्क राष्ट्रीय नेताओं से हुआ व राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की रूपरेखा तैयार हो गई।
            जब जनता तत्कालीन राजनैतिक व्यवस्था से तंग आ चुकी थी चौ. देवी लाल ने अपने जेल के साथियों के साथ मिलकर जनता पार्टी के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई। उसी समय में अपने आदर्शों व सिद्धांतों पर चलते हुए चौ. देवी लाल पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। जब चौ. देवी लाल ने सत्ता संभाली तो उन्होंने अपनी विचारधारा व सिद्धांतों को कार्यरूप देना आरम्भ किया। उस वक्त उन्होंने जो भी नीतियां बनाई उनका रूझान ग्रामीण विकास व आर्थिक और राजनैतिक समानता पर था। हालांकि चौ. साहब को बहुत कम समय तक यह अवसर मिला, लेकिन उन्होंने इस ढाई साल के अल्प काल में अपने सिद्धांतों को कार्यरूप देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। उन्होंने राज की कुंजी आम आदमी के हाथ में देने का भरपूर प्रयास किया। जब सिद्धांतों से टकराव नजर आया तो उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी भी छोड़ दी। चौ. साहब ने फिर से संघर्ष आरम्भ किया और समान विचारधारा के साथियों को लेकर नए राजनैतिक दल का निर्माण किया। लम्बे संघर्ष के बाद 1987 में एक बार फिर से उनको सत्ता के माध्यम से जन सेवा का मौका मिला। हरियाणा के मुख्यमंत्री का पदभार संभालते ही उन्होंने अपने सिद्धांतों को कार्यरूप देना आरम्भ किया। चौ. देवी लाल का विश्वास था कि जब तक राजनीति में इमानदारी व पारदर्शिता नहीं होगी तब तक देश का समुचित विकास नहीं हो सकता। इसी विचारधारा को लेकर उन्होंने जनता के चुने हुए नुमाईंदों को वापिस बुलाने के अधिकार की वकालत की जिसको लेकर आज भी योग गुरु बाबा रामदेव, अन्ना हजारे सहित कई राजनैतिक व समाजिक संगठन आवाज उठ रहे हैं। उनका विचार था कि राजनीति में धन्ना सेठों का पैसा लगता है जिससे सत्ता उनकी गुलाम होकर रह जाती है। पूंजिपतियों के पैसे से बनी सरकारें आम आदमी का भला नहीं कर सकती। इसी विचार धारा को लेकर उन्होंने एक वोट एक नोट का नारा भी दिया था। चौ. साहब ने दो वर्ष तक हरियाणा के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला और ऐसी नीतियां बनाई जोकि किसान व मजदूर को उनके हक दिलवाऐं। आज का वृद्ध सम्मान व जच्चा बच्चा भत्ता उनके कार्यकाल की लागू की गई वृद्धावस्था पैंशन का ही आधुनिक रूप है। जब चौ. साहब ने इस योजना को लागू किया तो आवाज उठी थी कि यह लम्बे समय तक चलने वाली योजना नहीं है, लेकिन हरियाणा की इस पहल का बाद में अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया। चौ. साहब की सोच थी कि जब तक गरीब आदमी के बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तब तक उनमें अपने शोषण के प्रति जागृति नहीं आऐगी, इसी सोच को लेकर उन्होंने घूमंतु कबीलों के बच्चों को शिक्षा से जोडऩे के लिये उस काल में रोजाना स्कूल आओ, एक रूपया पाओ की योजना को आरम्भ किया।
            1989 में जब केंद्र में सत्ता परिवर्तन का दौर आया तो चौ. साहब को राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने का मौका मिला। केंद्र में पहुंचकर उन्होंने भू सुधारों को लागू करवाया। सरकार द्वारा किसानों की जमीन के अधिग्रहण के लिये मिलने वाले भावों को तय करने के लिये बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखने पर जोर दिया व भावों में नियमित वृद्धि के लिये नए नियम बनवाए। महात्मा गांधी की सोच थी कि भारत गांवों में बसता है। इसी सोच को चौ. देवी लाल ने अपने जीवन में धारा और ग्रामीण क्षेत्रों के सुधार हेतू सड़ाकों के निमार्ण, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने व शिक्षा के प्रसार हेतू अधिक से अधिक स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में खुलवाने के लिये चौ. साहब ने नीतियां बनवाई। प्रशासनिक स्तर पर जनता का अंकुश लगाने के लिये चौ. साहब ने कष्ट निवारण समितियों को अनिवार्य किया। उनकी सोच थी कि अफसर साही को निरंकुश होने से रोकने के लिये यह जरूरी है कि जनता के लोगों की ऐसी कमेटी हो जिसमें अफसर जवाबदेह हों।
            आज देश में चारों ओर भ्रष्टाचार व चरित्रहीन राजनीति का बोलबाला है। राजनेताओं के लिये पार्टी व देश से उपर निजी हित हावी हो रहे हैं। अधिकतर राजनेता सत्ता में मात्र अपने आर्थिक हितों के लिये आ रहे हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि प्रतिदिन राजनैतिक संरक्षण में पनप रहा कोई न कोई भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। इसी कारण प्रशासनिक तंत्र में अफसर साही हावी होती जा रही है और आम जनता को दफतरों में न्याय मिलना बंद होता जा रहा है। नौबत यह है कि एक बिजली का कनैक्शन लेने तक को जनता दफतरों की अपेक्षा नेताओं के चक्कर काटने को मजबूर है। प्रत्येक दल में जमीन से जुड़े लोगों का अभाव होता जा रहा है। राजनैतिक पार्टियों में आज चेहरा चमकाने वाले लोगों का बोल बाला होता जा रहा है। जो लोग निरंतर मीडिया में बने रहें उनके लिये जनता के बीच जाना कोई मायने नहीं रखता। अब राजनैतिक दलों के लिये शायद अच्छे जननेता मानने के पैमाने बदल चुके हैं। जो नेता आर्थिक रूप से मजबूत हो, वाकपटु हो और अपने से उपर वाले नेताओं की हाजरी बजाने में माहिर हो उसके लिये जनता में पैठ रखना अब कोई मायने नहीं रखता। चौ. देवी लाल ने सदा इस प्रकार की राजनीति का विरोध किया। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतो से समझौता नहीं किया। यही उनकी सफलता का राज रहा। उनके संघर्षपूर्ण जीवन में सत्ता उनके हाथों में बहुत कम रही, लेकिन जब रही तो वह रजदरबारों की कटपुतली बनने की बजाऐ जनता के लिये रही। उन्होंने आम आदमी तक सत्ता का सम्पूर्ण लाभ पहुंचाया। आज सत्ता नेताओं की देहली तक सिमटती जा रही है। सिद्धांत विहीन होती इस राजनैतिक व्यवस्था को सुधारने के लिये जरूरी है कि चौ. देवी लाल की राजनैतिक विचारधारा को समझा जाऐ व उनके सिद्धांतों को अमल में लाया जाऐ। चौ. देवी लाल का नारा था कि लोक राज लोक लाज से चलता है। देश में स्वस्थ लोक तंत्र के भविष्य के लिये आज उस लोक लाज की विचार धारा को जिंदा करने की भारी जरूरत है।