Saturday, October 27, 2012

Ratnawali .....नेट व यू ट्यूब के माध्यम से दुनिया देखे रत्नावली के रंग: कुलपति


नेट व यू ट्यूब के माध्यम से दुनिया देखे रत्नावली के रंग: कुलपति
हरियाणा दिवस राज्य स्तरीय समारोह रत्नावली का हुआ रंगारंग आगाज
कुरुक्षेत्र 27 अक्तूबर
            कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डीडीएस संधू ने कहा कि रत्नावली आज देश नहीं बल्कि विश्व में विशेष पहचान बना चुका है।
 उन्होंने इच्छा जताई कि इस साल रत्नावली को नेट पर व यू ट्यूब के माध्यम से देश व दुनिया देखे। संधू कुवि आडिटोरियम में रत्नावली समारोह के उदघाटन अवसर पर मुख्यअतिथि के रूप में संबोधित कर रहेे हैं। इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्जवलित करके समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा के 5 हजार साल के गौरवमयी इतिहास का आईना रत्नावली ही है। हरियाणा सह स्थान है जहां पर सरस्वती के किनारे वेदों की रचना हुई। उन्होंने कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक व धार्मिक इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने रत्नावली के अतीत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज तक कभी इसके परिणामों तक पर विवाद नहीं हुआ। यह सब अपनी कला में निपुण निर्णायक मंडल की मेहनत है। इसके साथ ही उन्होंने कुवि युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर, विभाग के सभी कर्मचारियों व रत्नावली टीम को इस भव्य आयोजन के लिये बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों उन्होंने देखा कि रत्नावली को लेकर युवाओं में कितना उत्साह था, इस वर्ष उससे भी ज्यादा उत्साह है उसकी उनको पूरी उम्मीद है। संधू ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश के गांवों व शहरों से लोग रत्नावली समारोह को  देखने आते हैं उससे पता चलता है कि रत्नावली कितना चहेता समारोह है। उन्होंंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तो एक आईना है जहां कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं और उन्हें दिखाया जाता है कि उनमें क्या है। डा. संधू ने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि समारोह के दौरान पूर्ण पारदर्शिता होगी और सभी के हुनर का अच्छा प्रदर्शन होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में रत्नावली के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति देश से बाहर भी पहचान बनाऐगी। उनसे पूर्व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर ने मुख्यअतिथि का स्वागत किया रत्नावली की 27 वर्ष की सांस्कृतिक यात्रा का विवरण दिया।
 इस अवसर पर जाने माने हरियाणवी गायक हरविंद्र राणा ने अपनी टीम के साथ, रत्नावली के इस मेले मैं धूम मची हरियाणे की, नामक गीत की धमाके दार प्रस्तुति दी व उसके पश्चात हरियाणवी पॉप सांग से प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ हो गया। कुवि कुलसचिव सुरेंदर देशवाल ने समृति चिन्ह देकर कुलपति को सम्मानित किया व अंत में कुवि सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्षा किरण आंगरा ने आए हुए अतिथयों का आभार जताया।


नलदाई का हुआ विमोचन
कुरुक्षेत्र 27 अक्तूबर
रत्नावली समारोह के पहले दिन कुवि युवा एंव सांस्कृतिक विभाग के निदेशक एवं हरियाणवी के जाने माने कलाकार अनूप लाठर द्वारा लिखित नाटक नल दाई का विमोचन कुवि कुलपति डा. डीडीएस संधू ने किया। 
इस अवसर पर कुवि कुलसचिव सुरेंदर देशवाल, कुवि सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्षा किरण आंगरा, यमुनानगर के डीएवी महिला कालेज की प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य, डीपीआईआर देवराज सिरोहीवाल व कुवि पीआरओ देवेंद्र सचदेवा आदि अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अनूप लाठर द्वारा रचित यह नाटक नाग जाति की पौराणिक कथा पर आधारित है। नाटक में नागराज बासक व महाराज पारक के युद्ध का वर्णन है तो एक प्रेम कथा भी समानांतर चलती है। पारक द्वारा नाग जाति के अंत व बासक की पुत्री से विवाह तक की एक रोचक कथा को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। हरियाणा की धरती पर जन्मी इस कथा का कथानक भी हरियाणा का है तो परिवेश भी हरियाणा का है।

हरियाणवी पॉप में करनाल ने मारी बाजी
हरियाणवी के साथ पाश्चात्य के रंगों में रंगे हरियाणवी पॉप ने मोहा मन
कुरुक्षेत्र 27 अक्तूबर
कुरुक्षेत्र विश्ववविद्यालय द्वारा आयोजित रत्नवावली समारोह के पहले दिन पहली प्रतियोगिता हरियाणवी पॉप सांग की रही। इसमें 12 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में करनाल के गर्वनमैंट कालेज फार वूमैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नरवाना के एसडी कालेज फार गल्र्ज ने दूसरा व डीएवी कालेज फार गल्र्ज यमुनानगर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। यूटीडी कुरुक्षेत्र को भी तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
            आडिटोरियम हाल में आयोजित इस प्रतियोगिता का उन्माद इतना था कि हाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा।  सबसे पहले मंच पर डीएवी गल्र्ज कालेज यमुनानगर की टीम ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दिल ले गई ले गई छोरी गाम की गीत पर दी। आर्य पीजी कालेज पानीपत की टीम ने बागड़ो रै, चौधरी ओ देखिये लुहारी नै..गीत के साथ धमाल मचाया। पंडित चिरंजील लाल शर्मा गर्वनमैंट पीजी कालेज करनाल की टीम ने म्हारी गली मैं आया री सपेरा.  मीठी मीठी बीन बजाया री सपेरा पर अपनी प्रस्तुति दी। आईजी वुमैन कालेज कैथल की टीम ने कुएं की पनिहारी पै घणी दूर तै आया के साथ मंच पर रंग जमाऐ। आरके एस डी कालेज कैथल की टीम ने पिया नै कलम टांग दी पर तालियां बटोरी।

भजन में यूटीडी कुरुक्षेत्र छाया
रत्नावली समारोह के पहले दिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आरके सदन में हरियाणवी भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में यूटीडी कुरुक्षेत्र ने पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर डीएवी कालेज फार गल्र्ज यमुनानगर व तीसरे स्थान पर आई जी महिला महाविद्यालय कैथल रहा। चौथे स्थान पर आरकेएसडी कालेज कैथल रहा व पांचवें स्थान पर डीएन कालेज फार गल्र्ज कुरुक्षेत्र रहा। प्रदेश के कोने कोने से आए हरियाणवी कलाकारों ने भजनों के माध्यम से हरियाणवी के भक्तिरस को दिखाया। मधुर आवाज के साथ हरियाणवी भजनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


डैक्लामेशन में हांसी की रजनी ने पाया प्रथम स्थान
रत्नावली समारोह के पहले दिन सीनेट हाल में आयोजित हरियाणवी व्याख्यान प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 24 टीमों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने विचारों में ज्वलंत समस्याओं पर चिंतन किया और श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
 प्रतियोगिता में पहले स्थान पर यूएमपीजी कालेज हांसी की रजनी ने पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर जनता विद्यामंदिर चरखी दादरी की ज्योति रही व तीसरे स्थान पर गर्वनमैंट पीजी कालेज हिसार के संजय कुमार रहे। यूटीडी कुृरुक्षेत्र की सोनिया ने चौथा व यूनिर्वसिटी कालेज कुवि के  शैलेंद्र ने प्राप्त किया। 









विदेशी महमानों को भा गई हरियाणवी
कहा: हरियाणवी नृत्य को देख याद आया उनका बैले डांस
कुरुक्षेत्र 27 अक्तूबर
जी हां, हरियाणवी किसी को भी प्रभावित करने में महारत रखते हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे हरियाणवी सांस्कृतिक के महाकुंभ रत्नावली को देखने के लिए विदेशों से भी दर्शक धर्म नगरी पहुंच रहे हैं। जर्मनी से एक दंपति जोड़ा खासतौर पर हरियाणवी  सांस्कृति के महाकुंभ रत्नावली को निहारने के लिए पहुंचा।
  ये लोग हरियाणा की समृद्व संस्कृति के हर एक  पहलु को अपने कैमरे में कैद कर अपने साथ ले जाना चाहते हैे। इसीलिए ये लोग सभी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी कर रहे है। जर्मनी से आए इस दंपति ने अपने नाम माकर््श व मैरिना बताए। मार्कश ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि रत्नवली के बारे में उन्हें इंटरनेट के माध्यम से पता चला और वो विशेष तोैर पर इस इवेंट को देखने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आए है।
            उन्होंने बताया कि वे इससे पहले भारत 7 बार आ चुके हैं, लेकिन हरियाणा में कभी भी नहीं आए। उनका कहना है कि हरियाणवी संस्कृति बहुत ही समृद्व है और खासतौर पर हरियाणवी परंपरागत पहनावा उन्हें बहुत पसंद आया। मैरिना ने कहा कि हरियाणवी लोकनृत्य उनके देश में बैले डांस के साथ ही मिलता जुलता है। हालांकि उनको गानों के बोल तो समझ में नहीं आए फिर भी वो इस सांस्कृति मंच को देखकर बहुत खुश है। उनका कहना है कि वो पूरे चार दिन इस कार्यक्रम को देखेंगे और इस महाकुंभ की तमाम यादे संजोकर अपने साथ ले जाऐंगे।

ओपन ऐयर  थियेटर में देर सांय तक जमा हरियाणवी हास्य का रंग
रत्नावली समारोह के पहले दिन ओपन ऐयर थियेटर में देर सांय तक हरियाणवी हास्य नाटिकाओं का दौर चलता रहा।
 कमोबेश अधिकतर नाटिकाओं में व्यंग्य का विषय चुनाव और सामाजिक मुद्दे ही रहे। इसके साथ ही हरियाणवी चुटीले चुटकलों ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया। एचसीटीएम कालेज कैथल ने मित्रां दा ढाबा नाटिका में कन्या भू्रण हत्या के साथ देश में महिलाओं की चिंताजनक स्थिति पर भी चिंतन किया। डीएवी कालेज करनाल की टीम ने धक्का है न्यूज नाटिका में सरकारी तंत्र के साथ आज के खबरिया चैनलों सहित प्रचार तंत्र पर भी व्यंग्य किया। जीएमएन कालेज अम्बाला कैंट की टीम ने सोने के चिडिय़ा शीर्षक से अंग्रजों के काल व आज के बाबाओं पर व्यंग्य कसे। करनाल के पंडित चिरंजी लाल शर्मा गर्वनमैंट कालेज की टीम ने भ्रष्टाचार मिटाना होगा भारत देश बचाना होगा शीर्षक से अपनी प्रस्तुति दी। टीट बिट में विभिन्न कालेजों से आए कलाकारों के चुटीले हरियाणवी चुटकुलों ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया।


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